Kajari Teej 2019 का व्रत पति की लंबी उम्र की कामना के साथ रखा जाता है. इस व्रत को जो भी रखता है उसे कई नियमों का पालन करना होता है.

व्रत के नियम
– यह व्रत सामान्यत: निर्जला रहकर किया जाता है. यानी इस दिन व्रती पानी भी नहीं पीती.
– गर्भवती स्त्री फलाहार कर सकती हैं. पानी पी सकती हैं.
– सबसे अच्‍छा माना गया है कि चांद उगते देखें. अगर नहीं देख सके हैं तो रात 11:30 बजे आकाश की ओर अर्घ्य देकर व्रत खोला जाता है.
– उद्यापन के बाद भी उपवास रहता है. अगले दिन तोड़ा जाता है. जो लोग नहीं कर सकते वे उद्यापन के बाद फलाहार कर सकते हैं.

Kajari Teej 2019: कब है कजरी तीज, महत्‍व, कैसे करें पूजन…

चंद्रमा को अर्घ्य देने की विधि
कजरी तीज पर शाम के समय नीमड़ी माता की पूजा के बाद चांद को अर्घ्य देने की परंपरा है. इसके लिए पहले चंद्रमा को जल के छींटे देकर रोली, मोली, अक्षत चढ़ायें और फिर भोग अर्पित करना चाहिए. चांदी की अंगूठी और आखे (गेहूं के दाने) हाथ में लेकर जल से अर्घ्य देना सर्वोत्‍तम बताया गया है. इसके बाद एक ही जगह खड़े होकर चार बार घूमें. फिर चंद्रमा से पति और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करें.

कब होती है कजरी तीज
आमतौर पर यह रक्षा बंधन के तीन दिन बाद और कृष्ण जन्माष्टमी से पांच दिन पहले मनाई जाती है. उत्तर भारतीय कैलेंडर के अनुसार, कजरी तीज भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष के दौरान आती है.

कजरी तीज 2019 तिथि
इस बार कजरी तीज 18 अगस्त 2019, रविवार को है.