नई दिल्ली: भाद्रपद माह में कृष्ण पक्ष की तृतीया को कजरी तीज (kajari teej 2020) मनाई जाती है. इस दिन सुहागिन महिलाएं पकि की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं. इस त्योहार को खासतौर पर राजस्थान , उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार में मनाया जाता है. कजरी तीज को बड़ी तीज के नाम से भी जाना जाता है जो हरियाली तीज यानी छोटी तीज के बाद मनाई जाती है. इस मौके पर विवाहित महिलाएं अपने पत‍ि की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं. कई महिलाएं तो पूरा दिन निर्जल रहकर उपवास करती हैं. वहीं, कुंवारी कन्याएं अच्छा वर पाने के लिए यह व्रत करती हैं. कजरी तीज की पूजा के दौरान इससे जुड़ी व्रत कथा का भी खास महत्व है. ऐसे में जानते हैं क्या है इससे जुड़ी कथा Also Read - Kajari Teej 2020 SMS & Quotes: कजरी तीज पर अपनों को भेजें SMS, कोट्स और मैसेज

कजरी तीज की (kajari teej katha) कथा
एक गांव में एक गरीब ब्राह्मण का परिवार रहता था. ब्राह्मण की पत्नी ने भाद्रपद महीने में आने वाली कजरी तीज का व्रत रखा और ब्राह्मण से कहा, हे स्वामी आज मेरा तीज व्रत है. कहीं से मेरे लिए चने का सत्तू ले आइए. लेकिन ब्राह्मण ने परेशान होकर कहा कि मैं सत्तू कहां से लेकर आऊं भाग्यवान. इस पर ब्राह्मण की पत्नी ने कहा कि मुझे किसी भी कीमत पर चने का सत्तू चाहिए. इतना सुनकर ब्राह्मण रात के समय घर से निकल पड़ा. वह सीधे साहूकार की दुकान में गया और चने की दाल, घी, शक्कर आदि मिलाकर सवा किलो सत्तू बना लिया. इतना करने के बाद ब्राह्मण अपनी पोटली बांधकर जाने लगा. तभी खटपट की आवाज सुनकर साहूकार के नौकर जाग गए और वह चोर-चोर आवाज लगाने लगे. Also Read - Kajari Teej 2020 Mehendi Designs: कजरी तीज पर लगाएं मेहंदी के ये लेटेस्ट डिजाइन

ब्राह्मण को उन्होंने पकड़ लिया साहूकार भी वहां पहुंच गया. ब्राह्मण ने कहा कि मैं बहुत गरीब हूं और मेरी पत्नी ने आज तीज का व्रत रखा है. इसलिए मैंने यहां से सिर्फ सवा किलो का सत्तू बनाकर लिया है. ब्राह्मण की तलाशी ली गई तो सत्तू के अलावा कुछ भी नहीं निकला. उधर चांद निकल आया था और ब्राह्मण की पत्नी इंतजार कर रही थी. साहूकार ने कहा कि आज तुम्हारी पत्नी को मैं अपनी धर्म बहन मानूंगा. उसने ब्राह्मण को सत्तू, गहने, रुपये, मेहंदी, लच्छा और बहुत सारा धन देकर अच्छे से विदा किया. सबने मिलकर कजली माता की पूजा की. Also Read - Kajari Teej 2020 Precautions: कजरी तीज पर भूलकर भी ये काम ना करें विवाहित महिलाएं

कजरी तीज का (Kajari Teej 2020 significance) महत्व

माना जाता है यह व्रत घर में सुख शांत‍ि, पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि, धन धान्य की प्राप्त‍ि के लिए अहम है. कजरी तीज की कथा के अनुसार इसी दिन भगवान शिव से विवाह के लिए कठोर तपस्या के फलस्वरूप मां पार्वती ने शि‍व को प्राप्त किया था. इस दिन मां पार्वती और भगवान शिव दोनों की ही पूजा की जाती है.