Kamika Ekadashi 2019: श्रावण मास के कृष्ण पक्ष में आती है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से हर बिगड़े काम बनते हैं.

व्रत कथा
युधिष्ठिर ने भगवान कृष्ण से पूछा कि हे प्रभु श्रावण के कृष्ण पक्ष में कौन सी एकादशी होती है. उसका वर्णन करें और कृपा करके उसकी कथा सुनाएं . कृष्ण ने कहा, राजन सुनों मैं तुम्हें कथा सुनाता हूं.

एक नगर में एक ठेठ ठाकुर और एक ब्राह्मण रहते थे. दोनों की एक दूसरे से बनती नहीं थी. आपसी झगड़े के कारण ठाकुर ने ब्राह्मण को मार डाला. इस पर नाराज ब्राह्मणों ने ठाकुर के घर खाना खाने से मना कर दिया. ठाकुर अकेला पड़ गया और वह खुद को दोषी मानने लगा. ठाकुर को अपनी गलती महसूस हुई और उसने एक मुनी से अपने पापों का निवारण करने का तरीका पूजा. इस पर, मुनी ने उन्हें कमिका एकदशी का उपवास करने के लिए कहा.

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ठाकुर ने ऐसा ही किया. ठाकुर ने व्रत करना शुरू कर दिया. एक दिन कामिका एकादशी के दिन जब ठाकुर भगवान की मूर्ति के निकट सोते हुए एक सपना देखा, भगवान ने उसे बताया, “ठाकुर, सभी पापों को हटा दिया गया है और अब आप ब्राह्मण हटिया के पाप से मुक्त हैं”. इसलिए, इस एकादशी को आध्यात्मिक साधकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह चेतना से सभी नकारात्मकता को नष्ट करता है और मन और हृदय को दिव्य प्रकाश से भर देता है.

व्रत नियम
कामिका एकादशी व्रत का तीन दिन का नियम होता है. यानी दशमी, एकादशी और द्वादशी को कामिका एकादशी के नियमों का पालन होता है. इन तीन दिनों के दौरान जातकों को चावल नहीं खाने चाहिए. इसके साथ ही लहसुन, प्याज और मसुर की दाल का सेवन वर्जित है. मांस और मदिरा का सेवन भूल कर भी नहीं करना चाहिए.

कामिका एकादशी 2019 तिथि
इस बार कामिका एकादशी का व्रत 28 जुलाई, रविवार को किया जाएगा. श्रावण मास में आने के कारण इस व्रत का महत्‍व और बढ़ गया है.