Kamika Ekadashi Vrat Katha: कामिका एकादशी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा! इन मंत्रों के जाप से मिलेगा भगवान विष्णु का आशीर्वाद

Written By: Renu Yadav Updated by: Renu Yadav
Updated Date:August 8, 2026 10:56 PM IST

Kamika Ekadashi Vrat Katha: सावन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को कामिका एकादशी कहते हैं और इस दिन भगवान विष्णु के साथ ही भगवान शिव का भी पूजन किया जाता है.

  • 9 अगस्त 2026 को रखा जाएगा कामिका एकादशी का व्रत.
  • हजार अश्वमेघ यज्ञ के समान पुण्य फल देता है ये व्रत.
  • व्रत कथा पढ़ने व मंत्रों का जाप करने से प्रसन्न होते हैं श्रीहरि भगवान विष्णु.

Kamika Ekadashi Vrat Katha: वैदिक पंचांग के अनुसार कामिका एकादशी का व्रत 9 अगस्त 2026, रविवार को रखा जाएगा और हिंदू धर्म ग्रंथों में इस एकादशी का विशेष महत्व माना गया है. यह एकादशी भगवान श्री हरि विष्णु की कृपा प्राप्त करने और समस्त पापों का नाश करने के लिए विशेष फलदायी मानी गई है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कामिका एकादशी का व्रत रखने और इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से व्यक्ति को हजार अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य फल प्राप्त होता है. अगर आप भी कामिका एकादशी का व्रत रखते हैं तो इस दिन व्रत कथा पढ़ना या सुनना न मिले. मान्यता है कि कथा के बिना व्रत सम्पूर्ण नहीं माना जाता.

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कामिका एकादशी व्रत कथा

पौराणिक कथा के अनुसार, प्राचीन काल में एक गांव में एक क्रोधी और बलवान जमींदार रहता था. एक दिन किसी बात पर उसका एक ब्राह्मण के साथ विवाद हो गया। क्रोधवश ठाकुर ने ब्राह्मण की हत्या कर दी. अपने किए पर जमींदार को बहुत पश्चाताप हुआ. उसने ब्राह्मण का अंतिम संस्कार करने की इच्छा जताई, लेकिन गांव के अन्य ब्राह्मणों ने उसका अन्न-जल ग्रहण करने और अंतिम संस्कार में शामिल होने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि 'तुम पर ब्रह्महत्या का पाप चढ़ा है, पहले इस पाप का प्रायश्चित करो.' जमींदार ने हाथ जोड़कर पूछा, 'हे देवों! इस महापाप से मुक्ति पाने का क्या उपाय है?'

तब मुनियों ने उसे उपदेश दिया, 'तुम सावन माह के कृष्ण पक्ष की कामिका एकादशी का भक्तिभाव से व्रत करो और भगवान विष्णु की विधिवत पूजा-अर्चना करो. इससे तुम्हारा पाप नष्ट हो जाएगा.' जमींदार ने मुनियों के कहे अनुसार श्रद्धा और नियमपूर्वक कामिका एकादशी का व्रत रखा और भगवान विष्णु की प्रतिमा के सामने बैठकर रात भर जागरण किया. जमींदार की सच्ची भक्ति से प्रसन्न होकर मध्यरात्रि में भगवान विष्णु प्रकट हुए और उन्होंने जमींदार को दर्शन देकर कहा— 'हे वत्स! तुम्हारे सच्चे पश्चाताप और इस कामिका एकादशी के व्रत के प्रभाव से तुम ब्रह्महत्या के पाप से मुक्त होते हो.' तभी से इस एकादशी का महत्व और अधिक बढ़ गया. जो भी व्यक्ति कामिका एकादशी का व्रत रखता है, उसे जाने-अनजाने में हुए सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है.

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भगवान विष्णु के आशीर्वाद के लिए प्रभावी मंत्र

कामिका एकादशी के दिन पूजा के समय या तुलसी की माला से इन मंत्रों का जाप करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं:

1. विष्णु मूल मंत्र

'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय'

2. महामंत्र (शांताकारं मंत्र)

शांताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं

विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभांगम्।

लक्ष्मीकांतं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यम्

वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥

3. मनोकामना पूर्ति मंत्र

'ॐ विष्णवे नमः'

डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.

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