नई दिल्ली: इस साल कर्क संक्रांति 16 जुलाई 2020 यानी आज है. पंचांग के अनुसार 16 जुलाई को शाम 6 बजकर 53 मिनट तक कृत्तिका नक्षत्र रहेगा इसके बाद रोहिणी नक्षत्र आरंभ होगा. इसके उपरांत रात्रि 10 बजकर 36 मिनट पर सूर्य कर्क राशि में प्रवेश करेंगे. हिंदू कैलेंडर के अनुसार कर्क संक्रांति को छह महीने के उत्तरायण काल का अंत माना जाता है. साथ ही इस दिन से दक्षिणायन की शुरुआत होती है, जो मकर संक्रांति तक चलती है. आज एक बार फिर सूर्य कर्क राशि में जा रहा है, ऐसे में इस दिन कर्क संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा.

कर्क संक्रान्ति पुण्य काल
पंचांग के अनुसार कर्क संक्रांति का पुण्य काल गुरुवार यानि 16 जुलाई को प्रात: 6.15 से 11 बजे तक रहेगा.
अवधि – 05 घण्टे 29 मिनट्स

कर्क संक्रान्ति महा पुण्य काल –
04:45 ए एम से 11:03 ए एम
अवधि – 02 घण्टे 18 मिनट्स
कर्क संक्रान्ति का क्षण: प्रात: 11 बजकर 03 मिनट

कर्क संक्रांति पूजा विधि

कर्क संक्रांति के दिन नदी में स्नान किया जाता है. लेकिन कोरोनावायरस के चलते इस साल यह संभव नहरीं हो पाएगा. ऐसे में आप घर पर ही पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें. इसके बाद पूजा करें. पूजा समाप्त होने के बाद दान आदि का कार्य करें. इस दिन भगवान शिव और भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए. इस दिन तुलसी के पत्र से भगवान विष्णु की पूजा करना श्रेष्ठ फलदायी माना गया है. इस दिन सूर्य देव को जल अर्पित करें और दान आदि के कार्य करें. ऐसा करने से जीवन में आने वाली कठिनाइयां दूर होती हैं और सुख समृद्धि में वृद्धि होती है.