नई दिल्ली:   15 दिसंबर से खरमास का महीना शुरू होने वाला है. इस महीने में किसी भी तरह का कोई मांगलिक कार्य नहीं किया जाता है. यह 14 जनवरी 2021 को समाप्त होगा . तीर्थ स्थल की यात्रा करने के लिए खरमास सबसे उत्तम मास माना गया है. खरमास को खर मास कहने के पीछे भी पौराणिक कथा है. खर का तात्पर्य गधे से है. मार्कण्डेय पुराण के अनुसार, सूर्य अपने सात घोड़ों यानी रश्मियों के सहारे इस सृष्टि की यात्रा करते हैं. परिक्रमा के दौरान सूर्य को एक क्षण भी रुकने और धीमा होने का अधिकार नहीं है. लेकिन अनवरत यात्रा के कारण सूर्य के सातों घोडे़ हेमंत ऋतु में थककर एक तालाब के निकट रुक जाते हैं, ताकि पानी पी सकें. सूर्य को अपना दायित्व बोध याद आ जाता है कि वह रुक नहीं सकते, चाहे घोड़ा थककर भले ही रुक जाए. यात्रा को अनवरत जारी रखने के लिए तथा सृष्टि पर संकट नहीं आए, इसलिए भगवान भास्कर तालाब के समीप खड़े दो गधों को रथ में जोतकर यात्रा को जारी रखते हैं. गधे अपनी मंद गति से पूरे पौष मास में ब्रह्मांड की यात्रा करते रहे, इस कारण सूर्य का तेज बहुत कमजोर हो धरती पर प्रकट होता है. मकर संक्रांति के दिन पुन: सूर्यदेव अपने घोड़ों को रथ में जोतते हैं, तब उनकी यात्रा पुन: रफ्तार पकड़ लेती है. इसके बाद धरती पर सूर्य का तेजोमय प्रकाश बढ़ने लगता है.Also Read - Malmas 2020-21: शुरू हुआ खरमास, नहीं होंगे मांगलिक कार्य, जानें कब तक रखना होगा संयम

आज हम आपको बताने जा रहे हैं खरमास के दौरान क्या काम करना चाहिए और क्या नहीं. आइए जानते हैं- Also Read - Kharmas 2020 Date: निपटा लें सभी जरूरी शुभ कार्य, इस तारीख से लगने जा रहा है खरमास

क्या काम करें Also Read - Kharmas 2020: आज से खरमास शुरू, एक माह के समय में बरतें ये सावधानियां, क्‍या करें-क्‍या नहीं

– खरमास में सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान, संध्या आदि करके भगवान का स्मरण करना चाहिए.

– सूर्यदेव की उपासना करनी चाहिए.

– खरमास में भगवान विष्णु की पूजा करना लाभकारी होता है.

– खरमास में ब्राह्मण, गुरु, गाय एवं साधु-सन्यांसियों की सेवा करनी चाहिए.

खरमास में क्या ना करें

– इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश आदि मांगलिक कार्य नहीं करने चाहिए.

– खरमास में जमीन पर सोना चाहिए, पत्तल पर भोजन करना चाहिए.

– इस महीने किसी की निंदा और झूठ बोलने से बचना चाहिए.

– मांस, शहद, चावल का मांड, चौलाई, उड़द, प्याज, लहसुन, नागरमोथा, गाजर, मूली, राई, नशे की चीजें, दाल, तिल का तेल और दूषित अन्न खाने से बचना चाहिए.