
Renu Yadav
रेनू यादव, India.Com हिंदी में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के पद कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में करीब 15 वर्षों के अनुभव के दौरान उन्हें टेक्नोलॉजी, धर्म, लाइफस्टाइल, हेल्थ व अन्य विषयों ... और पढ़ें
Kharmas 2025: हिंदू धर्म में किसी भी शुभ या मांगलिक कार्य से पहले शुभ मुहूर्त देखा जाता है. मान्यता है कि यदि शुभ मुहूर्त में कोई धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ या मांगलिक कार्य किए जाएं तो शुभ फल की प्राप्ति होती है. वहीं अशुभ मुहूर्त में किए गए कार्य अशुभ फल प्रदान करते हैं. साल के कुछ दिन व माह अशुभ मुहूर्त माने जाते हैं और इन्हीं में से खरमास है. जब सूर्य देव धनु राशि में प्रवेश करते हैं तो उसे धनु संक्रांति कहते हैं और धनु संक्रांति से ही खरमास आरंभ होता है. खरमास साल में दो बार आता है और इस दौरान किसी भी तरह का शुभ या मांगलिक कार्य करना वर्जित माना गया है.
पंचांग के अनुसार इस साल 16 दिसंबर 2025 को सूर्य देव धनु राशि से मीन राशि में प्रवेश करेंगे और ऐसे में खरमास की शुरुआत 16 दिसंबर से होगी. इसके बाद सूर्य देव 14 जनवरी को मीन राशि से निकलकर मकर राशि में गोचर करेंगे और इसी के साथ खरमास का समापन होगा. ऐसे में खरमास 16 दिसंबर 2025 को शुरू होगा और 14 जनवरी 2026 को समाप्त होगा.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.
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