Malmas 2020: आज से खरमास का आरंभ हो गया है. हिंदू धर्म में इस समयकाल में शुभ कार्यों को करने की मनाही होती है. इस समय अवधि में जप-तप का विशेष महात्मय बताया गया है.Also Read - Kharmas 2020: शुरू होने वाला है खरमास का महीना, जानें इस महीने में क्या काम करें और क्या नहीं

कब शुरू होता है खरमास
12 महीनों में सूर्य ज्योतिष की 12 राशियों में प्रवेश करते हैं. 12 राशियों में भ्रमण करते हुए जब सूर्य देव गुरु बृहस्पति की राशि धनु या मीन में प्रवेश करते हैं तो उस स्थिति को खरमास कहते हैं. Also Read - Kharmas 2020 Date: निपटा लें सभी जरूरी शुभ कार्य, इस तारीख से लगने जा रहा है खरमास

सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करने पर सभी शुभ कार्य एक महीने के लिए बंद हो जाते हैं. साल में दो बार ऐसा समय आता है जब सूर्य के राशि में प्रवेश करने पर शुभ कार्य बंद हो जाते हैं. Also Read - Malmas 2020: जानें क्यों भगवान विष्णु को प्रिय है अधिकमास, इस दौरान इन कामों को करने से आ सकती है भारी विपत्ति

खरमास 2020
15 दिसंबर को सूर्य के धनु राशि में प्रवेश के साथ ही खरमास आरंभ हो गया है. एक माह तक खरमास का समयकाल रहेगा. 14 जनवरी 2021 को यह समाप्त होगा.

खरमास में वर्जित कार्य
खरमास में सभी प्रकार के शुभ कार्य जैसे विवाह, मुंडन, सगाई, गृह प्रवेश, व्रतारंभ एवं व्रत उद्यापन आदि को वर्जित बताया गया है.

खरमास में कौन से कार्य करें
खरमास के दिनों में सूर्य उपासना को काफी महत्‍वपूर्ण माना गया है. खास तौर पर उन लोगों के लिए जिनकी कुंडली में सूर्य शुभ नही हैं. इस समयकाल में दान-पुण्य का विशेष महत्व है. इन दिनों में किए गए दान का कई गुना फल प्राप्‍त होता है.