नई दिल्ली:  हिंदू धर्म में भगवान कृष्ण (krishna janmashtami 2020) के जन्मोत्सव का काफी धूमधाम से मनाया जाता है. कृष्ण जन्माष्टमी को भक्त काफी धूमधाम से मनाया जाता है. हिंदू पंचांग की मानें तो भगवान कृष्ण को समर्पित ये पावन त्योहार, हर साल भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में मनाया जाता है. इस दिन श्रीकृष्ण के भक्त उनकी आराधना में उपवास रखते हैं. ऐसे में आज हम आपको भगवान कृष्ण की पूजा से संबंधित कुछ बातें बताने जा रहे हैं. जिनका आपको पूजा करते समय खास ख्याल रखना है. आइए जानते हैं- Also Read - यूपी में जन्माष्टमी के दिन क्यों गई बिजली, STF करेगी जांच, सीएम योगी ने दिए आदेश

– जन्माष्टमी के दिन सुबह स्नान करके गोपाल की पूजा करनी चाहिए और उन्हें भोग लगाना चाहिए. बाल गोपाल की पूजा में इस्तेमाल की जाने वाली सभी सामग्रियों का शुद्ध होना जरूरी है. Also Read - Janmashtami 2020 Mathura: मथुरा-वृन्दावन में जन्माष्टमी की धूम, कुछ ऐसे मनाया जा रहा जश्न, देखें VIDEO

– भगवान कृष्ण को साफ पानी और गंगाजल से स्नान करवाएं और फिर चंदर का टीका लगाएं. Also Read - Janmashtami 2020 Mathura Live Streaming: मथुरा-द्वारका में लड्डू गोपाल के जन्म का लाइव प्रसारण, ऐसे देखें...

– बाल गोपाल को मक्खन, मिश्री और तुलसी के पत्ते बहुत पसंद हैं इसलिए भोग में इन्हें जरूर शामिल करें. बाल गोपाल के श्रृंगार में उनके कान की बाली, कलाई में कड़ा, हाथों में बांसुरी और मोरपंख लगाएं.

-इसके बाद भगवान गणेश की आरती उतारे फिर बाल गोपाल की. आरती के बाद अपने हाथों से उन्हें भोग लगाएं, झूला झूलाएं और फिर झूले में लगे परदे को बंद करना न भूलें.

– बाल गोपाल की पूजा और भोग लगाएं बिना खाना नहीं खाना चाहिए. उन्हें भोग लगाने के बाद भोजन प्रसाद बन जाता है. घर में बाल गोपाल हैं तो मांस-मदिरा का सेवन, गलत व्यवहार और अधार्मिक कार्यों से बचना चाहिए.