krishnapingala sankashti 2021 : संकष्टी चतुर्थी का हिंदू धर्म में काफी महत्व है. चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित होती है. इस दिन भगवान गणेश की विधि अनुसार पूजा की जाती है. आषाढ़ माह में संकष्टी चतुर्थी व्रत आज यानी 27 जून, 2021 को है. इस दिन विधि- विधान से प्रथम पूजनीय भगवान गणेश की पूजा- अर्चना की जाती है. भगवान गणेश की पूजा- अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं.

कृष्णपिङ्गल संकष्टी का समय (krishnapingala sankashti 2021 Shubh Muhurat)

कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी रविवार, जून 27, 2021 को
चतुर्थी तिथि प्रारम्भ – जून 27, 2021 को 03:54 पी एम बजे
चतुर्थी तिथि समाप्त – जून 28, 2021 को 02:16 पी एम बजे

कृष्णपिङ्गल संकष्टी पूजन विधि (krishnapingala sankashti 2021 Pujan Vidhi)

चतुर्थी पर सुबह उठकर स्नान करना चाहिए. साफ वस्त्र पहनें. भगवान गणेश की प्रतिमा को लाल या पीले रंग के कपड़े पर स्थापित करें. अब भगवान का पूजन आरंभ करें. हाथ जोड़कर व्रत का संकल्प लें.

शुभ मुहूर्त में गणेश जी को जल, अक्षत, दूर्वा घास, लड्डू, पान, धूप आदि अर्पित करें. इसके बाद गणेश जी के मंत्र ऊं गं गणपतये नम: का जप करें. घी का दीया जलाएं. भगवान की आरती करें. फिर उन्हें प्रसाद अर्पित करें. शाम के समय चंद्रमा को शहद, चंदन, रोली मिश्रित दूध से अर्घ्य दें. चंद्रमा को अर्घ्य देना आवश्यक माना गया है.

कृष्णपिङ्गल संकष्टी महत्व (krishnapingala sankashti Importance)

संकष्टी चतुर्थी पर व्रत रखने से भगवान गणपति का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है. गणेश जी की आराधना करके विशेष वरदान प्राप्त किया जा सकता है. खास तौर पर सेहत की समस्या को हमेशा के लिए खत्म किया जा सकता है.