लखनऊ: उत्तर प्रदेश में प्रयाग कुंभ 2019 अगले महीने से शुरू हो जाएगा. इस साल कुंभ में बड़ी संख्‍या में लोगों के आने की उम्‍मीद है. ऐसे में अगर आप भी कुंभ में आने का मन बना रहे हैं तो कुछ बातों के बारे में जानना जरूरी है. क्‍योंकि इससे आपकी यात्रा तो सुखद होगी ही साथ ही मेले से लौटते समय आप सुनहरी यादों को लेकर जाएंगे. तो आइये हम बताते हैं आपको प्रयागराज कुंभ के वो मुख्‍य आकर्षण, जिसके बारे में शायद ही आपको पता हो:-

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पेशवाई (प्रवेशाई)
कुंभ के आयोजनों में पेशवाई का महत्वपूर्ण स्थान है. ‘पेशवाई’ प्रवेशाई का देशज शब्द है जिसका अर्थ है शोभायात्रा जो विश्व भर से आने वाले लोगों का स्वागत कर कुंभ मेले के आयोजन के बारे में बताने के लिए निकाली जाती है. पेशवाई में साधु-सन्त अपनी टोलियों के साथ बड़े धूम-धाम से प्रदर्शन करते हुए कुंभ में पहुंचते हैं. हाथी, घोड़ों, बग्घी, बैण्ड आदि के साथ निकलने वाली पेशवाई के स्वागत एवं दर्शन करने के लिए पेशवाई मार्ग के दोनों ओर भारी संख्या में श्रद्धालु एवं सेवादार खड़े रहते हैं जो शोभायात्रा के ऊपर पुष्प वर्षा एवं नियत स्थलों पर माल्यापर्ण कर अखाड़ों का स्वागत करते हैं. अखाड़ों की पेशवाई एवं उनके स्वागत व दर्शन को खड़ी अपार भीड़ पूरे माहौल को रोमांच से भर देती है.

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सांस्कृतिक संयोजन
उत्तर प्रदेश राज्य सरकार एवं भारत सरकार ने भारत की समृद्ध व विभिधतापूर्ण सांस्कृतिक विरासत का निदर्शन कराने हेतु सभी राज्यों के संस्कृति विभागों को गतिशील किया है. कुंभ मेला, 2019 में पांच विशाल सांस्कृतिक पंडाल स्थापित किये जायेंगे. जिनमें जनवरी, 2019 में एवं आगे दैनिक आधार पर सांगीतिक प्रस्तुति से लेकर पारंपरिक एवं लोक नृत्य के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की एक श्रृंखला आयोजित की जायेगी. पंडालों के वर्गीकरण में गंगा पंडाल सभी पण्डालों से अधिक वृहदाकार होगा जिसमें सभी बड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया जा सकेंगा.

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नए और आकर्षक टूरिस्ट वॉक
कुंभ के दौरान आप इन टूरिस्‍ट स्‍पॉट पर जा सकते हैं, इसके लिए आपको टूर आपरेटर भी यूपी सरकार की ओर से मुहैया कराया जाएगा. हालांकि इसके लिए शुल्‍क देना होगा, कुंभ के आकर्षक टूरिस्ट वॉक इस प्रकार से हैं:-

Kumbh 2019: कुंभ में ये अखाड़े लगाते हैं आस्‍था की डुबकी, जानें इनका पूरा इतिहास

यात्रा का आरंभ बिन्दु: शंकर विमान मण्डपम.
पहला पड़ाव: बड़े हनुमान जी का मंदिर.
दूसरा पड़ाव: पतालपुरी मंदिर.
तीसरा पड़ाव: अक्षयवट.
चौथा पड़ाव: इलाहाबाद फोर्ट.
भ्रमण का अंतिम बिन्दु: रामघाट (भ्रमण रामघाट पर समाप्त होगा)

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जलमार्ग
कुंभ के दौरान यह सफर आपके लिए रोमांचक होगा. जल पर्यटन सदैव समस्त पर्यटन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है और सदैव अन्य की अपेक्षा इसके विकास को वरीयता दी गयी है. कुंभ 2019 के पावन पर्व पर भारतीय अंतर्देशीय जल मार्ग प्राधिकरण यमुना नदी पर संगम घाट के निकट फेरी सेवाओं का संचालन कर रहा है. इस सेवा के लिए जल मार्ग सुजावन घाट से शुरू होकर रेल सेतु (नैनी की ओर) के नीचे से वोट क्लब घाट व सरस्वती घाट से होता हुआ किला घाट में समाप्त होगा. इस 20 किमी0 लम्बे जल मार्ग पर अनेक टर्मिनल बनाये जायेंगे और बेहतर तीर्थयात्री अनुभवों के लिए मेला प्राधिकरण नौकायें व बोट उपलब्ध करायेगा.

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लेजर लाइट शो
कुंभ मेला-2019 में भारी संख्या में आने वाले तीर्थयात्रियों, धार्मिक गुरूओं तथा राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय पर्यटकों के अनुभवों को बेहतर बनाने की चेष्टा में उत्तर प्रदेश सरकार लेजर प्रकाश एवं ध्वनि प्रदर्शन हेतु प्रावधान कर रही है, यह प्रदर्शन किले की दीवार पर दिसम्बर 2018 से संचालित किया जायेगा.

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इनफॉरमेटिक प्रवेशद्वार
इतिहास में पहली बार कुंभ मेला-2019 बीस से अधिक परिचायक अस्थायी प्रवेशद्वारों का साक्षी होगा जो कि मेला प्रांगण की ओर जा रहे मार्गों को और मेले के विभिन्न सेक्टरों को चिन्हित करेंगे. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा यह अभिनव उपाय कुंभ मेले के सौदर्यात्मक महत्व को बढ़ाने हेतु इन अस्थायी परिचायक प्रवेशद्वारों की डिजाइन तैयार कर रचना की गयी है जो कि रणनीतिक दृष्टिकोण से स्थापित किये जाएंगे.

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