Kumbh Mela 2019: प्रयाग कुंभ में माघी पूर्णिमा का पांचवां मुख्य स्नान पर्व आज श्रद्धा, उल्लास के मनाया जा रहा है. संगम समेत गंगा-यमुना के विभिन्न घाटों पर आनंद पुण्ययोग में लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा रहे हैं. पूर्णिमा स्नान करने से श्रद्धालुओं को माघ मास के स्नान के बराबर पुण्यफल मिलेगा. Also Read - कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा- अगर सरकारी पैसे से मदरसे नहीं चल सकते तो कुम्भ का आयोजन भी न हो

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Kumbh Mela 2019: प्रयाग में माघी पूर्णिमा का स्नान शुरू, श्रद्धालुओं का उमड़ा रेला

माघी पूर्णिमा का महायोग

बता दें चंद्रमा जब कर्क में होता है और सूर्य अपने पुत्र शनि की राशि मकर में होता है तब माघ पूर्णिमा का योग बनता है. इस योग में सूर्य और चंद्रमा एक दूसरे से आमने-सामने होते हैं. इस योग को पुण्ययोग माना जाता है. इस योग में स्नान करने से सूर्य और चंद्रमा से मिलने वाले कष्ट शीघ्र ही नष्ट हो जाते हैं. साथ ही चंद्रमा का दोष समाप्त हो जाता है. इस अवसर पर तिल, कंबल, कपास, गुड़, घी, मोदक, जूते, फल आद को दान करना चाहिए.

 

यह है मान्यता

ब्रह्मवैवर्त पुराण में कहा गया है कि माघी पूर्णिमा पर खुद भगवान विष्णु गंगाजल में निवास करते हैं. माघी पूर्णिमा के दिन तीर्थ में स्नान किया जाए तो संपूर्ण माघ मास के स्नान का पूरा फल मिलता है.

माघी पूर्णिमा स्‍नान करते समय जपे ये मंत्र

न त्वहं कामये राज्यं न स्वर्ग न पुनर्भवम

कामये दुख-तप्तानां प्राणिनां आत्र्तिनाशनम.

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