Kumbh Mela 2019: प्रयाग कुंभ मेले का आखिरी प्रमुख स्नान चार मार्च को महाशिवरात्रि के दिन होगा. महाशिवरात्रि के पावन दिन पर कुंभ मेले का समापन भी होगा. इस दिन गंगा स्नान करके शिव की अराधना करने वाले लोगों को विशेष कृपा प्राप्त होती है. भगवान शिव और माता पार्वती के इस पावन पर्व पर कुंभ में आए सभी भक्त संगम में डुबकी जरूर लगाते हैं. मान्यता है कि इस पर्व का देवलोक में भी इंतज़ार रहता है. Also Read - कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा- अगर सरकारी पैसे से मदरसे नहीं चल सकते तो कुम्भ का आयोजन भी न हो

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फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को पड़ने वाली शिवरात्रि को महाशिवरात्रि मनाई जाती है. कहते हैं कि इस दिन भगवान शिव और पार्वती जी का विवाह हुआ था. यही वजह है कि मंदिरों से शिव बारात पूरे धूमधाम और गाजे-बाजे के साथ निकाली जाती है. कुंभ मेले में शाही स्नान का महत्व काफी खास होता है. इस दिन गंगा स्नान करना काफी शुभ माना जाता है. साथ ही यह भी माना जाता है कि इस दिन गंगा में डुबकी लगाने से अमरत्व प्राप्त होता है. इसी वजह से साधु-संत बड़ी और सोने-चांदी की पालकियों के साथ शाही स्नान करने आते हैं.

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प्रयागराज कुंभ के ये हैं मुख्य आकर्षण

पेशवाई (प्रवेशाई)

कुंभ के आयोजनों में पेशवाई का महत्वपूर्ण स्थान है. ‘पेशवाई’ प्रवेशाई का देशज शब्द है जिसका अर्थ है शोभायात्रा जो विश्व भर से आने वाले लोगों का स्वागत कर कुंभ मेले के आयोजन के बारे में बताने के लिए निकाली जाती है. पेशवाई में साधु-सन्त अपनी टोलियों के साथ बड़े धूम-धाम से प्रदर्शन करते हुए कुंभ में पहुंचते हैं. हाथी, घोड़ों, बग्घी, बैण्ड आदि के साथ निकलने वाली पेशवाई के स्वागत एवं दर्शन करने के लिए पेशवाई मार्ग के दोनों ओर भारी संख्या में श्रद्धालु एवं सेवादार खड़े रहते हैं जो शोभायात्रा के ऊपर पुष्प वर्षा एवं नियत स्थलों पर माल्यापर्ण कर अखाड़ों का स्वागत करते हैं. अखाड़ों की पेशवाई एवं उनके स्वागत व दर्शन को खड़ी अपार भीड़ पूरे माहौल को रोमांच से भर देती है.

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नए और आकर्षक टूरिस्ट वॉक

कुंभ के दौरान आप इन टूरिस्‍ट स्‍पॉट पर जा सकते हैं, इसके लिए आपको टूर आपरेटर भी यूपी सरकार की ओर से मुहैया कराया जाएगा. हालांकि इसके लिए शुल्‍क देना होगा, कुंभ के आकर्षक टूरिस्ट वॉक इस प्रकार से हैं:-

यात्रा का आरंभ बिन्दु: शंकर विमान मण्डपम.

पहला पड़ाव: बड़े हनुमान जी का मंदिर.

दूसरा पड़ाव: पतालपुरी मंदिर.

तीसरा पड़ाव: अक्षयवट.

चौथा पड़ाव: इलाहाबाद फोर्ट.

भ्रमण का अंतिम बिन्दु: रामघाट (भ्रमण रामघाट पर समाप्त होगा)

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जलमार्ग

कुंभ के दौरान यह सफर आपके लिए रोमांचक होगा. जल पर्यटन सदैव समस्त पर्यटन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है और सदैव अन्य की अपेक्षा इसके विकास को वरीयता दी गयी है. कुंभ 2019 के पावन पर्व पर भारतीय अंतर्देशीय जल मार्ग प्राधिकरण यमुना नदी पर संगम घाट के निकट फेरी सेवाओं का संचालन कर रहा है. इस सेवा के लिए जल मार्ग सुजावन घाट से शुरू होकर रेल सेतु (नैनी की ओर) के नीचे से वोट क्लब घाट व सरस्वती घाट से होता हुआ किला घाट में समाप्त होगा. इस 20 किमी0 लम्बे जल मार्ग पर अनेक टर्मिनल बनाये जायेंगे और बेहतर तीर्थयात्री अनुभवों के लिए मेला प्राधिकरण नौकायें व बोट उपलब्ध करायेगा.

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लेजर लाइट शो

कुंभ मेला-2019 में भारी संख्या में आने वाले तीर्थयात्रियों, धार्मिक गुरूओं तथा राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय पर्यटकों के अनुभवों को बेहतर बनाने की चेष्टा में उत्तर प्रदेश सरकार लेजर प्रकाश एवं ध्वनि प्रदर्शन हेतु प्रावधान कर रही है, यह प्रदर्शन किले की दीवार पर संचालित किया जा रहा है.

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इनफॉरमेटिक प्रवेशद्वार

इतिहास में पहली बार कुंभ मेला-2019 बीस से अधिक परिचायक अस्थायी प्रवेशद्वारों बनाए गए हैं, जो कि मेला प्रांगण की ओर जा रहे मार्गों को और मेले के विभिन्न सेक्टरों को चिन्हित करते हैं.

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