Kutap Kaal For Shradh: श्राद्ध पक्ष चल रहा है. इस समय में पितरों की शांति के लिए उनका श्राद्ध किया जाता है. चूंकि कोरोना के इस समय में इस बार खुद ही श्राद्ध अर्पण करना है तो ऐसे में आपको इसके लिए सर्वोत्तम समय चुनना चाहिए. Also Read - Dashmi Shradh 2020: आज दशमी श्राद्ध, जानें क्या है शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

पुराणों के अनुसार, श्राद्ध करने का सबसे उत्तम समय है कुतप काल. इस समय में श्राद्ध करने से पूरा फल प्राप्त होता है. Also Read - Pitru Paksha Matri Navami 2020: पितृपक्ष की नवमी आज इस दिन होता है मां का श्राद्ध, जानें इससे जुड़ी खास बातें

क्या है कुतप काल
ये दिन का आठवां प्रहर होता है. घड़ी के मुताबिक, दोपहर करीबन 11:30 बजे से 12:30 बजे के बीच का समय कुतप काल कहलाता है. इस समय में तर्पण, पिंडदान, दान आदि करना चाहिए. Also Read - Pitru Paksha 2020 Vastu Shastra Tips: घर में रखते हैं पूर्वजों की तस्वीर, तो जानें कैसा होना चाहिए वास्तु

पितृपक्ष 2020
इस बार पितृपक्ष 2 सितंबर से शुरु होकर 17 सितंबर तक है. इस समय में श्राद्ध कर्म से पूर्वजों की आत्मा तृप्त होती है. यानी इन दिनों में दूध, चावल, शहद आदि मिलाकर जो पिंड बनाए जाते हैं, उसे कौवे या गाय को खिलाकर पितरों को खिलाने जितना पुण्य मिलता है.

पुराणों में कहा गया है कि इससे पूर्वजों (जिनकी मृत्यु हो चुकी है) की आत्मा को संतुष्टि मिलती है.