माता वैष्णो देवी का दरबार भक्तों के लिए खुल चुका है, हाल ही में नरवात्रि गई है. ऐसे में भक्तों को माता के ओर करीब लाने के लिए श्रद्धालुओं की सीमा 1 नवंबर से 7000 से बढ़कर 15000 प्रतिदिन हो गई है. इससे पहले कोरोना की वजह से केवल 7000 लोगों को ही अनुमति थी. बता दें कि नवरात्र के नौ दिनों के दौरान 39,००० से अधिक श्रद्धालुओऔं ने जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले के त्रिकुटा की पहाड़ी पर स्थिति माता वैष्णो देवी के दर्शन किये हैं. Also Read - रांची से दिल्ली भेजी जा रही थी 6 नाबालिग लड़कियां, 'नन्हे फरिश्ते' ने रेस्क्यू कर बचाया

अधिकारियों ने बताया कि नवरात्र के दौरान श्राइन बोर्ड ने पवित्र गुफा के पास तीर्थयात्रियों के लिए समुचित व्यवस्था की थी. बोर्ड ने यहां पर 24 घंटे पानी और बिजली की आपूर्ति के साथ ही सेनिटाइजर, दवाइयों तथा’ फास्ट फूड’ से संबंधित दुकानों की व्यस्था कर रखी थी. साथ ही तीर्थयात्रियों को किसी तरह की दिक्कत न हो इसके लिए बोर्ड ने माता वैष्णो देवी मोबाइल ऐप लॉन्च किया था, जिसे गूगल प्ले स्टोर से लॉन्च किया जा सकता है. Also Read - बीजेपी का बड़ा आरोप- दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने 60 प्रतिशत कम की कोरोना टेस्टिंग, इसीलिए बढ़ रहे मामले

नवरात्रों में भक्तों का लगा तांता
श्राइन बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों के कम से कम 39,974 तीर्थ यात्री 17 अक्टूबर से 25 अक्टूबर के बीच माता वैष्णो देवी के दरबार पहुंचे. अधिकारियों ने बताया कि इनमें से 15,764 तीर्थयात्री जम्मू तथा कश्मीर से तथा 24,21० तीर्थयात्री देश के अन्य हिस्सों से पहुंचे. Also Read - कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने आज बुलाई किसान यूनियनों की बैठक, बोले- दो बार हो चुकी है वार्ता