
Parinay Kumar
परिणय कुमार को पत्रकारिता में लगभग 14 साल का अनुभव है. वह करियर की शुरुआत से ही पॉलिटिकल और स्पोर्ट्स की खबरें लिखते रहे हैं. 2008 में बिहार के ललित ... और पढ़ें
Karva Chauth 2022 | Updates: देश भर में आज (13 अक्टूबर) करवा चौथ का त्योहार मनाया गया. हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए करवा चौथ (Karwa Chauth 2022 Weather Update) व्रत का विशेष महत्व है. इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं और शाम को पूजा (pooja time for karwa chauth 2022) के बाद चांद को अर्ध्य दिया जाता है. पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी के दिन करवा चौथ का व्रत रखा (Karva Chauth Vrat Katha) जाता है.
करवा चौथ के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि कर स्वच्छ वस्त्र पहनें. फिर मंदिर की सफाई करें और हाथ में जल लेकर निर्जला व्रत का संकल्प लें. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती के साथ गणेश जी और कार्तिकेय जी का भी पूजन किया जाता है. पूजा शाम के समय (pooja time for karwa chauth 2022) होती है और इसके लिए एक चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाएं. फिर इस पर शिव परिवार की स्थापना करें. यानि चौकी पर माता पार्वती, भगवान शिव, भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय जी की मूर्ति शामिल हैं. सबसे पहले गणेश जी का पूजन करें इसके बाद शिव परिवार का पूजन किया जाता है. मंदिर पर घी का दीपक जलाएं और फिर सास को मंसने वाली सभी वस्तुएं वहां रख दें. इसके बाद चंद्रमा निकलने पर अर्घ्य देकर अपना व्रत खोलें.
प्राचीन समय में करवा नाम की एक स्त्री अपने पति के साथ रहती थी. उसका पति नदी में स्नान करने गया. नदी में नहाते समय एक मगरमच्छ ने उसका पैर पकड़ लिया. उसने पत्नी को सहायता के लिए पुकारा. करवा भागकर अपने पति के पास पहुंची और तत्काल धागे से मगरमच्छ को बांध दिया. उसका सिरा पकड़कर करवा पति के साथ यमराज के पास तक पहुंच गई. यमराज के साथ प्रश्न उत्तर के बाद करवा के साहस को देखते हुए यमराज को उसके पति को वापस करना पड़ा.
जाते समय उन्होंने करवा को सुख-समृद्धि के साथ वर भी दिया- ‘जो स्त्री इस दिन व्रत करके करवा को याद करेगी, उनके सौभाग्य की मैं रक्षा करूंगा.’ इस कथा में करवा ने अपने सशक्त मनोबल से अपने पति के प्राणों की रक्षा की. मान्यता है कि जिस दिन करवा ने अपने पति के प्राण बचाए थे, उस दिन कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी थी.
व्रत रखने का अर्थ ही है संकल्प लेना. वह संकल्प चाहे पति की रक्षा का हो, परिवार के कष्टों को दूर करने का या कोई और. यह संकल्प वही ले सकता है, जिसकी इच्छा शक्ति मजबूत हो. प्रतीकात्मक रूप में करवा चौथ पर महिलाएं अन्न-जल त्याग कर यह संकल्प लेती हैं और अपनी इच्छा शक्ति की परख करती हैं. यह पर्व संकेत देता है कि स्त्री अबला नहीं, बल्कि सबला है और वह भी अपने परिवार को बुरे वक्त से उबार सकती है.
देश के लगभग सभी शहरों में करवा चौथ के चांद का दीदार हो चुका है.
भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के घर भी मना करवा चौथ का त्योहार, देखें तस्वीरें…
Madhya Pradesh CM Shivraj Singh Chouhan's wife Sadhna Singh Chouhan breaks her #KarwaChauth fast at the sighting of the moon. pic.twitter.com/8Wwp4KyM83
— ANI MP/CG/Rajasthan (@ANI_MP_CG_RJ) October 13, 2022
दिल्ली-NCR, भोपाल, लखनऊ, चंडीगढ़ समेत देश के कई हिस्सों में चांद का दीदार हो चुका है.
दिल्ली में भी खत्म हुआ इंतजार.. करवा चौथ के चांद का हो गया दीदार.
Delhi | Women perform rituals and break their fast upon the sighting of the moon, visuals from Lajpat Nagar pic.twitter.com/7VaZFhOBQ6
— ANI (@ANI) October 13, 2022
चंडीगढ़ में भी हो गया चांद का दीदार.
Women perform rituals and break their fast upon the sighting of the moon, visuals from Chandigarh. pic.twitter.com/O61eHCqyA6
— ANI (@ANI) October 13, 2022
फरीदाबाद में खत्म हुआ इंतजार, हो गया चांद का दीदार.

फरीदाबाद में खत्म हुआ इंतजार, हो गया चांद का दीदार.

अब थोड़ा ही इंतजार बचा है चांद का.
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