Lohri 2020 का पर्व सभी धूमधाम से मनाते हैं लेकिन नई शादीशुदा जोड़े और बच्‍चे के जन्‍म पर ये उत्‍सव काफी खास होता है.

इस दिन शादीशुदा लड़की के मायके से उसके लिए शगुन आता है. जिसे सिर माथे स्‍वीकार किया जाता है. आखिर ये पंरपरा कैसे शुरू हुई और लोहड़ी का हिंदू धर्म में क्‍या महत्‍व है, जानें.

Lohri 2020 Wishes: लोहड़ी पर भेजें ये SMS, WhatsApp Messages, दें लख-लख वधाईयां

लोहड़ी का हिंदू धर्म में महत्‍व
यह त्योहार हर साल मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाया जाता है. ये त्योहार पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और कश्मीर में विशेष रूप से मनाया जाता है.

पंजाब में ये त्‍योहार काफी महत्‍वपूर्ण है. काफी दिन पहले से लोग इसे मनाने की तैयारी करने लगते हैं. इस दिन लोग आग जलाते हैं, खील, बताशे, रेवडियां और मूंगफली उसमें डालते हैं और प्रसाद की तरह इसे खाते हैं. लोहड़ी की आग के चारो तरफ नाचते-गाते हैं.

क्‍यों मायके से आता है सामान
राजा दक्ष प्रजापति की बेटी और भगवान शिव की पत्नी देवी सती के अग्नि दहन के रूप में हर साल लोहड़ी की आग जलाई जाती है. देवी सती ने पिता द्वारा पति के अपमान से दुखी होकर यज्ञ कुंड में आहुति दी थी.

लोहड़ी पर शादीशुदा बेटियों को मायके से त्योहारी भेजी जाती है. इस शगुन में कपड़े, मिठाई, रेवड़ी, गजक, मूंगफली आदि होता है. यह सब चीजें मायके से इसलिए भेजी जाती हैं जिससे दक्ष प्रजापति द्वारा हुई भूल को कोई पिता फिर ना दोहराए.

धर्म की और खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.