Lohri 2020 पर लोग आग जलाते हैं, गीत गाते हैं, रेवड़ी-मूंगफली खाई जाती हैं. पर एक ऐसी परंपरा भी है जिसे निभाना बेहद जरूरी होता है. Also Read - Kisan Andolan: दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने लोहड़ी पर नए कृषि कानूनों की प्रतियां जलाईं

ये परंपरा है दुल्‍ला भट्टी की कहानी कहने-सुनने की. लोहड़ी का पर्व ही तभी पूरा होता है जब ये कहानी कही जाती है. Also Read - Farmers Protest Latest Update: आज शाम 5.30 बजे कृषि कानूनों की कॉपी जलाकर लोहड़ी मनाएंगे किसान

दुल्‍ला भट्टी की कहानी
लोहड़ी में दुल्‍ला भट्टी की कहानी सुनाई जाती है. इसकी कहानी ऐसी है. मुगलों के समय में दुल्ला भट्टी नामक युवक ने पंजाब की लड़कियों की रक्षा की थी. मुगलों के आतंक में बहुत सी लड़कियों को अमीर सौदागरों को बेचा जा रहा था. दुल्ला भट्टी ने इन लड़कियों को आजाद करवाकर उनकी शादी हिन्दू समाज में कराई. लोहड़ी के मौके पर लोग दुल्ला भट्टी को एक नायक के तौर पर याद करते हैं. वे उन्‍हें याद करते हुए गीत गाते हैं. Also Read - Lohri 2021 Dressing Tips: लोहड़ी पर पाना चाहती हैं परफेक्ट पंजाबी लुक तो फॉलो करें ये टिप्स

Lohri 2020 Date: 13 या 14 जनवरी, किस दिन मनाई जाएगी लोहड़ी?

क्‍यों मनाते हैं लोहड़ी
सालों पहले इस त्‍योहार को फसल की बुआई और कटाई से जोड़कर मनाने की शुरुआत हुई. अलाव जलाकर उसके इर्दगिर्द लोग नाचते-गाते थे. एक-दूसरे को रेवडि़यां आदि बांटते थे. आज भी शादी या बच्‍चे के जन्‍म के बाद इस त्‍योहार को खास तरीके से मनाया जाता है.

लोहड़ी पर्व 2020
इस दिन लोग घरों और चौराहों के बाहर लोहड़ी जलाते हैं. आग का घेरा बनाकर दुल्ला भट्टी की कहानी सुनाई जाती है. इस दौरान रेवड़ी, मूंगफली और लावा खाने की परंपरा हैं. यह पर्व शाम के समय मनाया जाता है. इस दिन मूंगफली, गुड़, तिल और गजक खाने की परंपरा है.

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