एक ऐसा मंदिर जहां हनुमान जी के साथ विराजमान हैं उनकी पत्नी! जानें कब और कैसे हुआ विवाह?

Written By: Renu Yadav Updated by: Renu Yadav
Updated Date:September 29, 2023 2:41 PM IST

Lord Hanuman Wife Temple: सभी जानते हैं कि हनुमान ब्रह्मचारी थे और इसलिए महिलाएं उनका पूजन करते समय कुछ नियमों का ध्यान रखती हैं. लेकिन क्या आपको पता है ​कि एक मंदिर में हनुमान जी अपनी पत्नी के साथ विराजमान हैं.

Lord Hanuman Wife Temple: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हनुमान जी की पूजा अराधना करने से व्यक्ति के जीवन में आ रहे सभी कष्ट व दुख दूर होते हैं. इसलिए हनुमान जी का एक नाम संकटमोचन भी है. धर्म शास्त्रों के अनुसार हनुमान बाल ब्रह्मचारी थे और भगवान राम की भक्ति में ही उन्होंने अपना सारा जीवन बिताया. लेकिन दुनिया में एक ऐसा मंदिर भी जहां हनुमान अकेले नहीं बल्कि अपनी पत्नी के साथ विराजित हैं और उनका जोड़े में पूजन किया जाता है. पराशर संहित में भी हनुमान जी के विवाह का जिक्र किया गया है. आइए जानते हैं कब और कैसे हुआ था हनुमान जी का विवाह? कहां है हनुमान जी और उनकी पत्नी का मंदिर?

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हनुमान जी थे ब्रह्मचारी

रामायण व रामचरित मानस दोनों ही ग्रंथों में हनुमान जी को बाल ब्रह्मचारी बताया गया है. लेकिन पराशर संहिता के अनुसार हनुमान जी ने भी विवाह किया था और विवाह के बाद भी वह ब्रह्मचारी ही रहे. ऐसी क्या वजह थी जिसके लिए हनुमान को ब्रह्मचारी होते हुए भी विवाह करना पड़ा? आइए जानते हैं इसके पीछे छिपी एक बेहद ही रोचक पोराणिक कथा के बारे में.

हनुमान जी के विवाह की कहानी

पौराणिक कथाओं के अनुसार हनुमान जी ने अपने गुरु सूर्य देव से 9 विद्याएं की शिक्षा लेना शुरू किया. सूर्य देव ने उन्हें 5 विद्याएं तो सिखा दीं लेकिन जब अन्य 4 विद्याओं की बारी आई तो वह परेशान हो गए. क्योंकि ये 4 विद्याएं केवल विवाहित होने पर ही प्राप्त की जा सकती थीं. ऐसे में भगवान सूर्य ने हनुमान जी को विवाह करने का सुझाव दिया. लेकिन हनुमान तो बाल ब्रह्मचारी थे और वह जीवनभर ब्रह्मचारी ही रहना चाहते थे.

हनुमान की इस परेशानी को देखते हुए भगवान सूर्य ने अपनी तपस्वी पुत्री सुवर्चला के साथ उनका विवाह करने की बात कही. साथ ही यह भी कहा कि सुवर्चला तपस्या में लीन रहती हैं और उनके साथ विवाह कर हनुमान जीवनभर ब्रह्मचारी रह सकेंगे. सूर्य देव की बात मानकर हनुमान राजी हो गए और उनका विवाह सुवर्चला से हो गया. विवाह के बाद सुवर्चला वापस तपस्या में लीन हो गई और हनुमान जी ने अपनी 4 विद्याएं प्राप्त कीं.

हनुमान जी और उनकी पत्नी का मंदिर

तेलंगाना के खम्मम जिले के येल्नाडू में हनुमान जी का एक ऐसा मंदिर स्थि​त है जहां वह अपनी पत्नी सुवर्चला के साथ विराजमान हैं. हनुमान जी और उनकी पत्नी का यह दुनिया में इकलौता मंदिर है. लोगों के बीच इस मंदिर की काफी मान्यता है. यहां हर साल ज्येष्ठ शुद्ध दशमी के दिन माता सुवर्चला और हनुमान जी के विवाह का उत्सव बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.

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