एकादशी (Ekadashi) पर भगवान विष्‍णु के नामों का जप, उनके मंत्रों के जाप का काफी महत्‍व है. कहा जाता है कि इस दिन नारायण हरि की पूजा करने से मनचाहा वरदान मिलता है.

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शास्त्रों के अनुसार, भगवान विष्णु जगत का पालन करने वाले देवता माने गए हैं. उनका स्वरूप शांत है. इसलिए विष्‍णु पूजा को ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र के जाप से शुरू करना चाहिए.

इसके बाद इन मंत्रों के जाप करें-

लक्ष्मी विनायक मंत्र
दन्ताभये चक्र दरो दधानं, कराग्रगस्वर्णघटं त्रिनेत्रम्।
धृताब्जया लिंगितमब्धिपुत्रया, लक्ष्मी गणेशं कनकाभमीडे।।

पंचरूप मंत्र
ॐ अं वासुदेवाय नम:
ॐ आं संकर्षणाय नम:
ॐ अं प्रद्युम्नाय नम:
ॐ अ: अनिरुद्धाय नम:
ॐ नारायणाय नम:

ॐ ह्रीं कार्तविर्यार्जुनो नाम राजा बाहु सहस्त्रवान।
यस्य स्मरेण मात्रेण ह्रतं नष्‍टं च लभ्यते।।

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सरल मंत्र 
ॐ नमो नारायण। श्री मन नारायण नारायण हरि हरि।।

धन-वैभव एवं संपन्नता पाने का विशेष मंत्र
ॐ भूरिदा भूरि देहिनो, मा दभ्रं भूर्या भर। भूरि घेदिन्द्र दित्ससि।
ॐ भूरिदा त्यसि श्रुत: पुरूत्रा शूर वृत्रहन्। आ नो भजस्व राधसि।।

इनका करें जाप 
– श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारे।
हे नाथ नारायण वासुदेवाय।।
– ॐ नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि।
तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।।
– ॐ विष्णवे नम:

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