Lunar Eclipse 2019: नए साल का पहला चंद्रग्रहण 21 जनवरी को होने वाला है. पूर्णिमा की रात्रि में चंद्रग्रहण के होने से प्रकृति और मानव जीवन में कई बदलाव देखने को मिलते हैं. ये परिवर्तन अच्छे और बुरे दोनों प्रकार के हो सकते हैं. इस साल 2019 में दो चंद्र ग्रहण होंगे. आइये जानते हैं चंद्रग्रहण के समय हमें क्‍या नहीं करना चाहिए.

21 जनवरी को है साल का पहला चन्‍द्रग्रहण, जानिए सही समय व किस राशि के लोग होंगे प्रभावित

गर्भवती महिलाएं न करें ये काम
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए. क्योंकि इस दौरान वातावरण में उत्पन्न होने वाली नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव गर्भ में पल रहे उनके बच्चों पर हो सकता है. हिन्दू धर्म में ऐसा माना जाता है कि ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को सिलाई, कढ़ाई, काटना या छीलने जैसे कार्य नहीं करना चाहिए. क्योंकि ऐसा करने से बच्चों के अंगों को क्षति पहुंच सकती है.

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इसके अलावा चंद्र ग्रहण को लेकर लोगों के मन में कई तरह के प्रश्‍न उठते हैं. ऐसे में कुछ जरूरी प्रश्‍नों के उत्‍तर यहां दिए गए हैं:-

सवाल: चंद्र ग्रहण के समय भोजन करना क्यों वर्जित है?
जवाब: मान्यता है कि ग्रहण के दौरान पकाया या खाया गया भोजन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है. क्योंकि ग्रहण के प्रभाव से भोजन दूषित हो जाता है. इस वजह से कुछ लोग ग्रहण वाले दिन उपवास भी रखते हैं.

सवाल: चंद्र ग्रहण के समय पूजा, जप-तप क्यों करना चाहिए?
जवाब: शास्त्रों के अनुसार ग्रहण के समय में की गई साधना और ईश्वर की भक्ति का फल कई गुना अधिक मिलता है. साथ ही जप-तप के प्रभाव से व्यक्ति पर ग्रहण का बुरा असर नहीं पड़ता है.

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सवाल: चंद्र ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर क्यों नहीं निकलने दिया जाता है?
जवाब: मान्यता है कि चंद्र ग्रहण के समय में उत्सर्जित होने वाली नकारात्मक ऊर्जा गर्भ में पल रहे बच्चे की सेहत पर बुरा असर डाल सकती है, इसलिए गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान बाहर नहीं निकलने दिया जाता है.

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