नई दिल्ली. सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण शुक्रवार रात 11.54 बजे के करीब लग गया. यह ग्रहण 15 साल में मंगल ग्रह के सबसे करीब होगा. आज का पूरा चंद्रग्रहण अपेक्षाकृत अलग दुर्लभ खगोलीय घटना है.

यह खगोलीय दृश्य भारत के हर हिस्से से पूरी तरह दिखाई देगा. पूरा चंद्रग्रहण एक घंटे 43 मिनट का होगा. पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के मुताबिक, यह सदी का सबसे बड़ा पूर्ण ग्रहण बना रहा है. यद्यपि तारामंडल देश भर के उत्साही लोगों को आसानी से दिख जाएगा, लेकिन बारिश और बादल इसमें बाधा डाल सकते हैं.

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, चंद्रमा भारतीय समयानुसार 11.53 पर पृथ्वी की उपछाया में प्रवेश करेगा. हालांकि, सामान्य लोगों को अगले 30-40 मिनट इसमें कुछ भी अलग नहीं दिखाई देगा. इसके बाद धीरे-धीरे चंद्र डिस्क में परिवर्तित चमक को नोटिस किया जा सकता है.
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शुक्रवार रात को सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण लगने जा रहा है. शुक्रवार देर रात इसे देखा जा सकेगा. पर लोगों के बीच इस ग्रहण को लेकर कई तरह की मान्‍यताएं भी हैं. रात 11.54 बजे प्रृथ्वी की छाया में चंद्रमा की छाया पड़ेगी. इसके बाद एक गाढ़ी परछाई दिखेगी. इस चंद्रग्रहण को नंगी आखों से भी नोटिस किया जा सकेगा.

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, 28 जुलाई को रात 1 बजे चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी की परछाई में चला जाएगा. इस समय चंद्रग्रहण का रंग लाल होगा, जिसमें ईंट लाल जैसे रंग भी होंगे. पूर्ण चंद्रग्रहण का समय 1.51 बजे तक होगा. ग्रहण का पूरा फेज 2.43 बजे खत्म हो जाएगा और यह अम्ब्रल छाया से 3.49 बजे पूरी तरह से निकल जाएगा. हालांकि ये सुबह 5 बजे पूरी तरह से खत्म होगा. यह ग्रहण 103.6 मिनट तक चलेगा.

मंगल सूर्यास्त के समय के आसपास उग जाएगा और फिर सूर्योदय के समय तक सेट हो जाएगा. एक विपक्ष उस समय तैयार होगा, जब चंद्रमा पृथ्वी के सबसे नजदीक आएगा. उस समय दोनों ही सुर्य के एक ही तरफ रहेंगे.

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धरती से महज 5 करोड़ 77 लाख किलोमीटर दूरी पर सूर्य के गिर्द अपनी वलयाकार कक्षा में चांद असाधारण रूप से बड़ा और चमकीला दिखेगा. पेरिस वेधशाला के खगोलविद पास्कल देसकैंप्स ने बताया कि चांद तांबई लाल रंग का दिखेगा जबकि उससे लगा ‘रक्ताभ ग्रह’ बेहद चमकीला होगा और हल्की नारंगी रंगत लिए होगा. रॉयल ऐस्ट्रोनोमिकल सोसाइटी ने चंद्रग्रहण के बेहतर नजारे के लिए साधारण बाइनाकुलर इस्तेमाल करने की सलाह दी है.