शुक्रवार के दिन मां संतोषी को करें प्रसन्न, शाम के समय करें ये उपाय

Mata Snatoshi ki Aarti: आज शुक्रवार के दिन मां संतोषी को प्रसन्न करने के लिए शाम के वक्त कुछ उपाय करें और उनकी आरती पढ़ें. जानते हैं इनके बारे में...

Published date india.com Published: April 28, 2023 9:39 AM IST
email india.com By Garima Garg email india.com | Edited by Garima Garg email india.com
santoshi maa vrat
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शुक्रवार के दिन मां संतोषी की पूजा कर उन्हें प्रसन्न किया जाता है. मां संतोषी का आशीर्वाद प्राप्त हो जाए तो व्यक्ति सारी तकलीफों से दूर हो सकता है. साथ ही ऐसी मान्यता है कि मां संतोषी की पूजा (Maa Santoshi) से इंसान धनी तेजस्वी और तरक्की पाता है. ऐसे में बता दें कि शुक्रवार के दिन यदि कुछ उपाय और उनकी आरती की जाए तो माता को प्रसन्न किया जा सकता है. आज का हमारा लेख इसी विषय पर है. आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि शुक्रवार के दिन आप कौन से उपाय और मां संतोषी की कौन सी आरती (Maa Santoshi ki Aarti) पढ़ सकते हैं. पढ़ते हैं आगे…

मां संतोषी को प्रसन्न करने के उपाय

  1. शुक्रवार के दिन शाम के समय जब आप माता संतोषी की पूजा करें तो उनके पास इत्र जरूर रखें. माता इत्र से बेहद खुश होती हैं. खास करके गुलाब का इत्र जीवन में खुशियां ला सकता है.
  2. शुक्रवार के दिन आप गौ माता को रोटी जरूर खिलाएं. ऐसा करने से मां लक्ष्मी की कृपा सदैव आप पर बनी रहती है.
  3. शुक्रवार के दिन शाम को तुलसी के पौधे की पूजा जरूर करनी चाहिए.

मां संतोषी की आरती

जय सन्तोषी माता,
मैया जय सन्तोषी माता ।
अपने सेवक जन की,
सुख सम्पति दाता ॥
जय सन्तोषी माता,
मैया जय सन्तोषी माता ॥

सुन्दर चीर सुनहरी,
मां धारण कीन्हो ।
हीरा पन्ना दमके,
तन श्रृंगार लीन्हो ॥

जय सन्तोषी माता,
मैया जय सन्तोषी माता ॥

गेरू लाल छटा छबि,
बदन कमल सोहे ।
मंद हंसत करुणामयी,
त्रिभुवन जन मोहे ॥

जय सन्तोषी माता,
मैया जय सन्तोषी माता ॥

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स्वर्ण सिंहासन बैठी,
चंवर दुरे प्यारे ।
धूप, दीप, मधु, मेवा,
भोज धरे न्यारे ॥

जय सन्तोषी माता,
मैया जय सन्तोषी माता ॥

गुड़ अरु चना परम प्रिय,
तामें संतोष कियो ।
संतोषी कहलाई,
भक्तन वैभव दियो ॥

जय सन्तोषी माता,
मैया जय सन्तोषी माता ॥

शुक्रवार प्रिय मानत,
आज दिवस सोही ।
भक्त मंडली छाई,
कथा सुनत मोही ॥

जय सन्तोषी माता,
मैया जय सन्तोषी माता ॥

मंदिर जग मग ज्योति,
मंगल ध्वनि छाई ।
विनय करें हम सेवक,
चरनन सिर नाई ॥

जय सन्तोषी माता,
मैया जय सन्तोषी माता ॥

भक्ति भावमय पूजा,
अंगीकृत कीजै ।
जो मन बसे हमारे,
इच्छित फल दीजै ॥

जय सन्तोषी माता,
मैया जय सन्तोषी माता ॥

दुखी दारिद्री रोगी,
संकट मुक्त किए ।
बहु धन धान्य भरे घर,
सुख सौभाग्य दिए ॥

जय सन्तोषी माता,
मैया जय सन्तोषी माता ॥

ध्यान धरे जो तेरा,
वांछित फल पायो ।
पूजा कथा श्रवण कर,
घर आनन्द आयो ॥

जय सन्तोषी माता,
मैया जय सन्तोषी माता ॥

चरण गहे की लज्जा,
रखियो जगदम्बे ।
संकट तू ही निवारे,
दयामयी अम्बे ॥

जय सन्तोषी माता,
मैया जय सन्तोषी माता ॥

सन्तोषी माता की आरती,
जो कोई जन गावे ।
रिद्धि सिद्धि सुख सम्पति,
जी भर के पावे ॥

जय सन्तोषी माता,
मैया जय सन्तोषी माता ।
अपने सेवक जन की,
सुख सम्पति दाता ॥

नोट – यहां दी गई जानकारी सूचनाओं और मान्यताओं पर आधारित है. india.com इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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