Magh Mela 2021: मकर संक्रांति से शुरू होकर महाशिवरात्रि तक चलने वाला आस्था का मेला ‘माघ मेला’ कोरोना महामारी के बीच गुरुवार से संगम पर शुरू हो गया. Also Read - Makar Sankranti Snan: पवित्र नदियों में हजारों ने लगाई डुबकी, जानें क्या रहा मंदिरों का हाल

माघ मेला के पहले स्नान पर्व यानी मकर संक्रांति पर संगम सहित गंगा तथा यमुना के सभी स्नान घाटों पर ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालुओं के स्नान का सिलसिला शुरू हो गया था. सुबह के समय संगम व आसपास के घाटों पर श्रद्धालु कम नजर आए. Also Read - Gorakhnath Khichdi: योगी ने बाबा गोरखनाथ को चढ़ाई खिचड़ी, जानें कैसा है इस बार का खिचड़ी मेला

संगम के अलावा गंगा के अक्षयवट, काली घाट, दारागंज, फाफामऊ घाट पर भी स्नान चल रहा है. गौरतलब है कि इस साल माघ मेले में छह प्रमुख स्नान होंगे. इसकी शुरूआत मकर संक्रांति से होती है. Also Read - Makar Sankranti 2021: जानें मकर संक्रांति के दिन क्यों उड़ाई जाती है पतंग, पढ़ें इसके पीछे की कहानी

श्रद्धालु कोरोना संक्रमण से बेफिक्र नजर आ रहे हैं. आधी-अधूरी तैयारी के बीच पहले स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक है. मेला क्षेत्र में साधु संतों के पंडाल में भजन पूजन का दौर भी शुरू हो गया है.

वैसे माघ मेला 27 जनवरी के आसपास रंग में आएगा. 28 जनवरी को पौष पूर्णिमा है और इस दिन से एक महीने का कल्पवास शुरू हो जाता है.

प्रशासन का अनुमान है कि इस बार साढ़े तीन करोड़ श्रद्धालु प्रयागराज आएंगे. मेला क्षेत्र में कोरोना की गाइडलाइन को पूरा कराने के लिए सभी तैयारियां की हुई हैं. सभी तीर्थ पुरोहितों से आने वाले कल्पवासियों का ब्योरा लेकर इसे वेबसाइट पर अपलोड किया गया है.

मेले में हर साल की तरह इस बार 5 पांटून ब्रिज, 70 किमी चेकर्ड प्लेटें बिछाई गई है. कोरोना को देखते हुए 16 पॉइंट्स बनाये गए हैं.

हर जगह पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल तैनात हैं. मेले में बिजली, पानी और स्वच्छता के व्यापक इंतजाम किए गए हैं.
मेलाधिकारी विवेक चतुवेर्दी के अनुसार, मेले में हर तरह से तैयारी पूरी है. सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम हैं. कोविड संक्रमण को देखते हुए तैयारी और बेहतर की गई है. सभी को गाइडलाइन जारी की गई है.
(एजेंसी से इनपुट)