Magh Mela 2020 पर लोग पवित्र नदियों में स्‍नान करते हैं. खासतौर पर संगम में मेला लगता है और यहां स्‍नान करने से जन्‍मों के पाप नष्‍ट हो जाते हैं. Also Read - मौनी अमावस्या पर एक करोड़ से अधिक लोगों ने गंगा में लगाई डुबकी, हेलीकाप्टर से की गई पुष्प वर्षा

माघ स्‍नान- प्रयागराज
तीर्थराज प्रयाग में 10 जनवरी (पौष पूर्णिमा) से माघ स्नान शुरू होगा. ये 9 फरवरी (माघ पूर्णिमा) तक चलेगा. तीर्थराज प्रयाग में तीन पवित्र नदियों- गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम है. इसलिए यहां स्‍नान करने का काफी धार्मिक महत्‍व है. ऐसा माना जाता है कि प्रयाग में माघ मास में तीन बार स्नान करने से जो फल मिलता है, वह पृथ्वी पर दस हजार अश्वमेध यज्ञ करने से भी नहीं मिलता. Also Read - Magh Snan 2020: पद्म पुराण में ये है माघ स्‍नान की कथा, दान-उपवास का महत्‍व

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माघ स्‍नान महत्‍व
ऐसा कहा गया है कि माघ स्‍नान करने से स्‍वर्ग प्राप्ति होती है. ब्रह्मा, विष्णु, शिव, आदित्य, मरुद्गण तथा अन्य सभी देवी-देवता माघ मास में संगम स्नान करने आते हैं. माघ स्नान करने से पाप नष्‍ट होते हैं. स्नान का सबसे उत्तम समय सूर्योदय से पूर्व माना गया है.

कब करें स्नान
पौष पूर्णिमा के दिन से माघ स्‍नान की शुरुआत होती है. पौष पूर्णिमा से माघ पूर्णिमा तक निरंतर स्नान-दान किया जाता है. पुराणों में इस समय में तीन बार पवित्र नदियों में स्नान करने की बात कही गई है. ऐसा ना कर सकें तो एक बार तो स्‍नान अवश्‍य करना चाहिए. स्नान करने की उत्तम बेला, सूर्योदय से पहले बताई गई है. सूर्योदय के बाद भी स्‍नान कर सकते हैं.

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