Maghi Purnima 2019: हिन्‍दू धर्म में माघ का महीना बहुत ही खास माना गया है. इसमें माघी पूर्णिमा का बड़ा महत्‍व है, जो कि इस बार 19 फरवरी 2019 को है. इस दिन बड़ी संख्‍या में लोग तीर्थ क्षेत्र में स्नान करने पहुंचते हैं. माघी पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करना बहुत फलदायी माना जाता है. मान्यता है कि प्रयागराज में 33 करोड़ देवी–देवता विविध स्वरूपों में मौजूद रहते हैं. वे किसी न किसी रूप में साधकों को दर्शन देते हैं और यह देवताओं के स्नान का अंतिम दिन होता है. यही कारण है कि माघी पूर्णिमा पर श्रद्धालु जमकर दान करते हैं और अपने जीवन में खुशियों की कामना करते हैं.

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माघी पूर्णिमा का महत्व
माघी पूर्णिमा के दिन की पौराणिक मान्यता है. कहा जाता है कि माता कुंती ने द्वापर युग में दानवीर कर्ण को माघी पूर्णिमा के दिन ही जन्म दिया था. लेकिन कर्ण कुंती को शादी से पहले मिले थे. इसी दिन कुंती ने उन्हें नदी में प्रवाहित किया था. यह भी कहा जाता है कि धर्मराज युधिष्ठिर ने महाभारत के समाप्ति के युद्ध में मारे गए अपने रिश्तेदारों की सद्गति के कल्पवास किया था. जिसके बाद से माना जाता है कि इस दिन यहां स्नान करना गंगा, यमुना सहित अन्य धार्मिक तीर्थ स्थलों पर स्नान करने से दैहिक, दैविक, भौतिक आदि सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिलती है. इसी आस्था के वशीभूत सनातन मतावलंबी घर-गृहस्थी, मोह-माया से दूर रहते हुए महीने भर धार्मिक कार्यो में लीन रहने वाले कल्पवास करने वाले श्रद्धालुओं स्नान के बाद कल्पवास खत्म हो जाता हैं.

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माघी पूर्णिमा स्‍नान करते समय जपे ये मंत्र
न त्वहं कामये राज्यं न स्वर्ग न पुनर्भवम
कामये दुख-तप्तानां प्राणिनां आत्र्तिनाशनम.

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