देहरादून: महाकुंभ 2021 (Maha Kumbh 2021) का आयोजन अगले साल हरिद्वार (Haridwar) में होने जा रहा है. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हरिद्वार में अगले साल होने वाले कुंभ में शाही स्नान की तिथियां घोषित कर दी हैं. हरिद्वार में अखाड़ा परिषद के साधु-संतों के साथ विचार-विमर्श करने के बाद मुख्यमंत्री ने शाही स्नान की तारीखों का ऐलान किया.

उन्होंने बताया कि 2021 में कुंभ का पहला शाही स्नान महाशिवरात्रि के पर्व पर 11 मार्च को होगा जबकि दूसरा शाही स्नान सोमवती अमावस्या पर 12 अप्रैल को होगा. इसके अलावा तीसरा बैसाखी पर 14 अप्रैल को और चौथा शाही स्नान चैत्र पूर्णिमा के दिन 27 अप्रैल को होगा. हरिद्वार कुंभ के दौरान अन्य महत्वपूर्ण स्नान 14 जनवरी (मकर संक्राति), 11फरवरी (मौनी अमावस्या), 16 फरवरी (बसंत पंचमी), 27 फरवरी (माघ पूर्णिमा), 13 अप्रैल (नव संवत्सर) और 21 अप्रैल (रामनवमी) पर होंगे. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कुंभ के सफल आयोजन के लिए साधु और संतों का भी समर्थन मांगा. उन्होंने अधिकारियों से कुंभ से संबंधित व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से पूरा करने को कहा.

शाही स्नान की तिथियां
11 मार्च 2021, महाशिवरात्रि को पहला शाही स्नान
12 अप्रैल 2021, सोमवती अमावस्या को दूसरा स्नान
14 अप्रैल 2021, बैशाखी को तीसरा स्नान
27 अप्रैल 2021, चैत्र पूर्णिमा पर चौथा शाही स्नान

हरिद्वार कुंभ में अन्य महत्वपूर्ण स्नान
14 जनवरी 2021, मकर संक्राति
11 फरवरी 2021, मौनी अमावस्या
16 फरवरी 2021, बसंत पंचमी
27 फरवरी 2021, माघ पूर्णिमा
13 अप्रैल 2021, नव संवत्सर
21 अप्रैल 2021, रामनवमी

सीएम ने कुंभ मेले के कार्यों में तेजी लाने को कहा
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आगामी कुंभ मेले की व्यवस्थाओं के संबंध में सचिवालय में बैठक की. इसमें विभागीय सचिवों व विभागाध्यक्षों को जरूरी निर्देश दिये. इसमें बताया गया कि कुंभ मेले के कार्यों को पूरा कराने की जिम्मेदारी विभागीय सचिवों की होगी. तकनीकि दक्षता वाले विभागों के स्तर पर किये जाने वाले कार्यों में लापरवाही बर्दास्त नहीं की जायेगी. कुंभ मेले के पश्चात् कुंभ के कार्यों एवं व्यवस्थाओं पर किसी भी प्रकार की शिकायत न मिले यह विभागाध्यक्षों की जिम्मेदारी होगी. जिन विभागों द्वारा अस्थायी निर्माण कार्य कुंभ मेले के दौरान किये जाने है वे अपना प्रस्ताव तीन दिन के अंदर मेलाधिकारी को उपलब्ध कराये. कुंभ कार्यों की समीक्षा प्रत्येक 15 दिन में मुख्य सचिव के स्तर पर की जाए.