Maha Mrityunjaya Mantra: महाशिवरात्रि पर भगवान शिव के सबसे शक्तिशाली मंत्र यानी महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया जाता है. ये मंत्र इतना प्रभावशाली है कि इसके जाप से भगवान शिव सभी कष्ट दूर करते हैं. Also Read - Maha Shivratri 2021: महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की भक्ति में यूं डूबी नजर आईं Mouni Roy, देखें तस्वीरें...

महामृत्युंजय मंत्र

इस मंत्र के जाप से भगवान शिव से लंबी आयु की प्रार्थना की जाती है. शास्त्रों व पुराणों के अनुसार, इसे असाध्य रोगों से मुक्ति और अकाल मृत्यु से बचने के लिए प्रयोग किया जाता है. यही कारण है कि इसे महामंत्र कहा गया है. इस मंत्र को रुद्राक्ष की माला से जपना चाहिए. जाप करने से पहले शिवलिंग पर बिल्व पत्र अर्पित करके जलाभिषेक करना चाहिए. Also Read - Maha Shivratri 2021: टीवी के इन एक्टर्स ने पर्दे पर निभाई भगवान शिव की भूमिका, दर्शकों के दिलों पर करते हैं राज

ये है मंत्र

ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्‌॥ Also Read - Maha Shivratri 2021: क्यों मनाते हैं महाशिवरात्रि और क्या है इसका महत्व? जानें सदगुरु ने क्या कहा...

महामृत्युंजय मंत्र के नियम

– इस मंत्र का जाप सुबह-शाम किया जाता है. अगर संकट गंभीर हो तो दिन में किसी भी समय इसका जाप कर सकते हैं.

– रुद्राक्ष की माला से इसका जाप करना सर्वोत्‍तम है.

– जब भी मंत्र का जाप करें तो भगवान शिव के चित्र या शिवलिंग के सामने करें.

रखें ये सावधानियां

– पहली शर्त है कि जाप करते हुए मंत्र का उच्चारण शुद्धता से हो. यानी बोलते हुए गलती ना करें.

– महामृत्युंजय जाप कुश के आसन पर बैठकर करना सर्वोत्‍तम माना गया है. बिना आसन के मंत्र ना जपें.

– जाप करते हुए भगवान शिव का अभिषेक करें. दूध मिले जल से अभिषेक कर सकते हैं.

– मंत्र जाप पूर्व दिशा की तरफ मुख करके करें. जाप कर रहे हैं तो मांसाहार ना करें. साफ-सफाई का पूरा ध्‍यान रखें.

– मंत्र जपना आरंभ करें तो माला (108 बार) पूरी करने के बाद ही उठें. बीच में नहीं उठ सकते.

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