
Renu Yadav
रेनू यादव, India.Com हिंदी में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के पद कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में करीब 15 वर्षों के अनुभव के दौरान उन्हें टेक्नोलॉजी, धर्म, लाइफस्टाइल, हेल्थ व अन्य विषयों ... और पढ़ें
Maha Shivratri 2026 Jalabhishek Time: हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का विशेष महत्व माना गया है और यह पर्व हर साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन मनाया जाता है. पंचांग के अनुसार इस साल महाशिवरात्रि व्रत 15 फरवरी 2026, रविवार को रखा जाएगा. पौराणिक कथाओं के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन शिव-शक्ति का मिलन हुआ था. इस दिन भोलेनाथ और देवी पार्वती का पूजन करना बेहद ही शुभ व फलदायी माना जाता है. महाशिवरात्रि के दिन जातक शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं और उपवास रखते हैं.
महाशिवरात्रि के दिन वैसे तो भोलेनाथ की पूजा कभी भी की जा सकती है लेकिन चार प्रहर में पूजा करने का विशेष फल प्राप्त होता है. इस दिन शिवलिंग पर जलाभिषेक के लिए मंदिरों में लंबी कतारें लगती है और मान्यता है कि यदि महाशिवरात्रि पर शिवलिंग का जलाभिषेक किया जाए तो भगवान शिव प्रसन्न होकर सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं. लेकिन इस बार महाशिवरात्रि के दिन भद्रा का भी योग बन रहा है. ऐसे में लोगों के मन जलाभिषेक के मुहूर्त को लेकर काफी कंफ्यूजन हैं. आइए जानते हैं महाशिवरात्रि के दिन भद्रा काल में शिवलिंग का जलाभिषेक कर सकते हैं या नहीं?
वैदिक पंचांग के अनुसार 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन शाम 5 बजकर 4 मिनट पर भद्रा काल शुरू होगा जो कि 16 फरवरी को सुबह 5 बजकर 23 मिनट पर समाप्त होगा. इसका मतलब है कि महाशिवरात्रि के दिन लगभग 12 घंटे 19 मिनट तक भद्रा काल रहेगा. लेकिन ज्योतिषाचार्यों व पंडितों की मानें तो महाशिवरात्रि की पूजा में भद्रा का कोई अशुभ प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि भद्रा पाताल लोक में वास करेगी. इसलिए बिना किसी चिंता के जलाभिषेक किया जा सकता है.
महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव का जलाभिषेक सुबह 8 बजकर 24 मिनट से लेकर 11 बजकर 11 मिनट तक किया जा सकता है. इसके बाद अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त भी जलाभिषेक के लिए शुभ होता है जो कि सुबह 11 बजकर 11 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा. शाम को 6 बजकर 11 मिनट से 7 बजकर 47 मिनट तक का समय भी जलाभिषेक के लिए बेहद शुभ है.
सुबह का मुहूर्त: सुबह 08:24 से 11:11 बजे तक
अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त: सुबह 11:11 से दोपहर 12:35 बजे तक
शाम का मुहूर्त: शाम 06:11 से 07:47 बजे तक
हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का विशेष महत्व माना गया है और कहते हैं कि इस दिन यदि कोई जातक सच्चे मन से भोलेनाथ का पूजन करें व जलाभिषेक करें तो उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. अविवाहित लोग यदि महाशिवरात्रि के दिन शिवजी का पूजन करते हैं तो उनकी शादी के योग बनने लगते हैं. वहीं शादीशुदा लोग खुशहाल दांपत्य जीवन की कामना से शिवजी का पूजन करते हैं. इस दिन भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए रुद्राभिषेक करना भी शुभ माना गया है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.
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