Maha Shivratri 2026 Jalabhishek Time: भद्रा के साए में मनाया जाएगा महाशिवरात्रि का पर्व, जानिए जलाभिषेक का सही समय और शुभ मुहूर्त

Mahashivratri 2026 Jalabhishek Time: महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग का जलाभिषेक करना बहुत ही शुभ व फलदायी माना गया है. लेकिन इस बार महाशिवरात्रि पर भद्रा का साया रहेगा.

Published date india.com Updated: February 13, 2026 1:43 PM IST
Maha Shivratri 2026 Jalabhishek Time: भद्रा के साए में मनाया जाएगा महाशिवरात्रि का पर्व, जानिए जलाभिषेक का सही समय और शुभ मुहूर्त
Mahashivratri 2026

Maha Shivratri 2026 Jalabhishek Time: हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का विशेष महत्व माना गया है और यह पर्व हर साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन मनाया जाता है. पंचांग के अनुसार इस साल महाशिवरात्रि व्रत 15 फरवरी 2026, रविवार को रखा जाएगा. पौराणिक कथाओं के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन शिव-शक्ति का मिलन हुआ था. इस दिन भोलेनाथ और देवी पार्वती का पूजन करना बेहद ही शुभ व फलदायी माना जाता है. महाशिवरात्रि के दिन जातक शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं और उपवास रखते हैं.

महाशिवरात्रि पर भद्रा का साया – जलाभिषेक कर सकते हैं या नहीं?

महाशिवरात्रि के दिन वैसे तो भोलेनाथ की पूजा कभी भी की जा सकती है लेकिन चार प्रहर में पूजा करने का विशेष फल प्राप्त होता है. इस दिन शिवलिंग पर जलाभिषेक के लिए मंदिरों में लंबी कतारें लगती है और मान्यता है कि यदि महाशिवरात्रि पर शिवलिंग का जलाभिषेक किया जाए तो भगवान शिव प्रसन्न होकर सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं. लेकिन इस बार महाशिवरात्रि के दिन भद्रा का भी योग बन रहा है. ऐसे में लोगों के मन जलाभिषेक के मुहूर्त को लेकर काफी कंफ्यूजन हैं. आइए जानते हैं महाशिवरात्रि के दिन भद्रा काल में शिवलिंग का जलाभिषेक कर सकते हैं या नहीं?

महाशिवरात्रि 2026 भद्रा का समय (Maha Shivratri 2026 Bhadra Timing)

वैदिक पंचांग के अनुसार 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन शाम 5 बजकर 4 मिनट पर भद्रा काल शुरू होगा जो कि 16 फरवरी को सुबह 5 बजकर 23 मिनट पर समाप्त होगा. इसका मतलब है कि महाशिवरात्रि के दिन लगभग 12 घंटे 19 मिनट तक भद्रा काल रहेगा. लेकिन ज्योतिषाचार्यों व पंडितों की मानें तो महाशिवरात्रि की पूजा में भद्रा का कोई अशुभ प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि भद्रा पाताल लोक में वास करेगी. इसलिए बिना किसी चिंता के जलाभिषेक किया जा सकता है.

महाशिवरात्रि 2026 जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त (Maha Shivratri Jalabhishek Muhurat)

महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव का जलाभिषेक सुबह 8 बजकर 24 मिनट से लेकर 11 बजकर 11 मिनट तक किया जा सकता है. इसके बाद अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त भी जलाभिषेक के लिए शुभ होता है जो कि सुबह 11 बजकर 11 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा. शाम को 6 बजकर 11 मिनट से 7 बजकर 47 मिनट तक का समय भी जलाभिषेक के लिए बेहद शुभ है.

  • सुबह का मुहूर्त: सुबह 08:24 से 11:11 बजे तक

  • अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त: सुबह 11:11 से दोपहर 12:35 बजे तक

    Add India.com as a Preferred SourceAdd India.com as a Preferred Source
  • शाम का मुहूर्त: शाम 06:11 से 07:47 बजे तक

महाशिवरात्रि का महत्व (Maha Shivratri Importance)

हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का विशेष महत्व माना गया है और कहते हैं कि इस दिन यदि कोई जातक सच्चे मन से भोलेनाथ का पूजन करें व जलाभिषेक करें तो उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. अविवाहित लोग यदि महाशिवरात्रि के दिन शिवजी का पूजन करते हैं तो उनकी शादी के योग बनने लगते हैं. वहीं शादीशुदा लोग खुशहाल दांपत्य जीवन की कामना से शिवजी का पूजन करते हैं. इस दिन भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए रुद्राभिषेक करना भी शुभ माना गया है.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.

यह भी पढ़े: Mahashivratri 2026 Date: 15 या 16 फरवरी! कब है महाशिवरात्रि? नोट करें सही डेट, शुभ मुहूर्त और जानें महत्व

Also Read:

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Faith Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.