Mahashivratri 2021 Puja Niyam: हिंदू धर्म में हर माह मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है, लेकिन फाल्गुन माह में आने वाली महाशिवरात्रि (Mahashivratri) का खास महत्व होता है. माना जाता है कि इसी दिन भगवान शिव और पार्वती का विवाह हुआ था. इस दिन उपवास रखने वाले भक्तों को भगवान शिव का खास आशीर्वाद प्राप्त होता है. इस साल महाशिवरात्रि 11 मार्च को मनाई जा रही है. ऐसे में अगर आप भी इस महाशिवरात्रि व्रत (Mahashivratri Ke Puja Niyam) रखने का सोच रहे हैं को भगवान शिव की पूजा के कुछ खास नियमों का आपको पता होना जरूरी है. आइए जानते हैं- Also Read - Pradosh Vrat 2021 Shubh Yog: प्रदोश व्रत के दिन बन रहा है ध्रुव योग, यहां जानें क्या है इसका महत्व

– भगवान शिव को बेलपत्र बहुत पसंद हैं. ऐसे में बेलपत्र चढ़ाते समय ध्यान रखें कि बेलपत्र के तीनों पत्ते पूरे हों. इसका चिकना भाग शिवलिंग से स्पर्श करना चाहिए. Also Read - Today's Panchang, April 5, 2021: सोमवार के दिन पढ़ें आज का पंचांग, जानें भगवान शिव की पूजा का शुभ समय

– भगवान शिव की पूजा के दौरान कदंब और केतकी के फूल वर्जित होते हैं. इन्हें गलती से भी ना चढ़ाएं. Also Read - Shiv Ki Rasoi: काशी में शुरू हुई शिव की रसोई, 500 से अधिक श्रद्धालु ग्रहण कर सकेंगे प्रसाद

– महाशिवरात्रि के दिन काले रंग के वस्त्र का पहने. इसके साथ ही पूजा में तिल का इस्तेमाल ना करें तिल भगवान विष्णु के मैल से उत्पन्न हुआ माना जाता है, इसलिए भगवान विष्णु को तिल अर्पित किया जाता है लेकिन शिव जी को नहीं चढ़ता है.

– पूजा में अक्षत ही चढाएं. टूटे चावल न चढ़ाएं.

– भगवान शिव की पूजा करते समय शंख से जल अर्पित नहीं करना चाहिए.

-शिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर नारियल का पानी नहीं चढ़ाना चाहिए. शिव प्रतिमा पर नारियल चढ़ा सकते हैं, लेकिन नारियल का पानी नहीं.