पटना: बिहार की राजधानी पटना सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में मंगलवार को मकर संक्रांति के मौके पर हजारों लोगों ने गंगा समेत कई नदियों में डुबकी लगाई. इस मौके पर श्रद्धालु गंगा स्नान के बाद दान-पुण्य कर रहे हैं. मकर संक्रांति के मौके पर देवालयों में भी लोगों की भीड़ उमड़ रही है. राज्य के कुछ हिस्सों में सोमवार को भी मकर संक्रांति मनाई गई. Also Read - बिहार में बढ़ा कोरोना संकट, CM नीतीश कुमार ने राज्य के मंत्रियों को दी जिलेवार जिम्मेदारियां

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पटना में सुबह ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में लोग गंगा के विभिन्न घाटों पर पहुंचे और पवित्र स्नान किया. मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन गंगा में स्नान करने और गंगा तट पर तिल का दान करने से सारे पाप कट जाते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. विद्वानों के मुताबिक, इसी दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं और दक्षिणायन से उत्तरायण हो जाते हैं. पंडितों का कहना है कि सूर्य के धनु से मकर राशि में जाने से ‘खरमास’ भी समाप्त हो जाता है और शुभ कार्य भी प्रारंभ हो जाते हैं.

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मकर संक्रांति के दिन चूड़ा-दही व तिल खाने की परंपरा

ज्योतिषाचार्य प्रबोध के मुताबिक, जो लोग मकर संक्रांति की सुबह गंगा स्नान के बाद भगवान भास्कर को तिल का भोग लगाकर प्रसाद ग्रहण करते हैं, उनके उपर भास्कर की कृपा बनी रहती है. उन्होंने बताया कि मकर संक्रांति के दिन चूड़ा-दही तथा तिल खाने की भी परंपरा है. इस दिन तिल खाने और तिल दान में देने को भी शुभ माना जाता है. धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि तिल दान से शनि के कुप्रभाव कम होते हैं. साथ ही तिल के सेवन से व्यक्ति के जीवन से निराशा खत्म होती है.

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गंगा घाटों के पास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

मकर संक्रांति के मौके पर पटना के अलावा, मुंगेर, बक्सर, भागलपुर, मुज्जफरपुर, वैशाली समेत कई क्षेत्रों में भी लोगों ने नदियों में डुबकी लगाई. लोग मंदिरों में भी पहुंचकर पूजा अर्चना कर रहे हैं और दान-पुण्य कर रहे हैं. इस मौके पर गंगा घाटों और जलाशयों के पास सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं. कुछ क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बलों की प्रतिनियुक्ति की गई है.

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