Makar Sankranti 2020: मकर संक्रांति को स्‍नान-दान का काफी महत्‍व है. हिंदू धर्म में इस दिन का विशेष महत्‍व है. Also Read - Makar Sankranti 2021: सदियों से गोरखनाथ मंदिर में Khichdi पर होता आया है ये काम, जानें महत्व

इस दिन लोग तिल के लड्डू बनाते हैं, दान करते हैं. सूर्य उपासना की जाती है. पर इस दिन से जुड़े पौराणिक तथ्‍य भी आपको जानने चाहिए. Also Read - Makar Sankranti 2021 Date: मकर संक्रांति तिथि, इस साल बन रहे बेहद शुभ योग

– मकर संक्रांति के दिन ही गंगाजी भगीरथ के पीछे-पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम से होकर सागर में जा मिली थीं. Also Read - Shubh Vivah Muhurat 2020: आने वाले दो महीनों में बस इतने दिन हैं शादी के शुभ मुहूर्त, 2021 का ऐसा रहेगा हाल

Makar Sankranti 2020: मकर संक्रांति तिथि, महत्‍व, शुरू होंगे शुभ कार्य, क्‍या करें इस दिन

– माना जाता है कि इस दिन सूर्य अपने पुत्र शनिदेव से नाराजगी त्यागकर उनके घर गए थे. इसलिए इस दिन पवित्र नदी में स्नान, दान, पूजा आदि करने से पुण्य हजार गुना हो जाता है.

– इस दिन यशोदा जी ने श्रीकृष्ण को प्राप्त करने के लिए व्रत किया था.

– भगवान श्रीकृष्ण ने भी उत्तरायन का महत्व बताते हुए गीता में कहा है कि उत्तरायन के 6 मास के शुभ काल में जब सूर्यदेव उत्तरायन होते हैं और पृथ्वी प्रकाशमय रहती है, तो इस प्रकाश में शरीर का परित्याग करने से व्यक्ति का पुनर्जन्म नहीं होता, ऐसे लोग ब्रह्म को प्राप्त होते हैं. यही कारण था कि भीष्म पितामह ने शरीर तब तक नहीं त्यागा था, जब तक कि सूर्य उत्तरायन नहीं हो गया.

– मकर संक्रांति से शुभ कार्यों की शुरुआत होती है. खरमास की समाप्ति होती है. संक्रांति के बाद विवाह, गृह प्रवेश जैसे कार्य आरंभ हो जाते हैं.

महत्‍व
शास्त्रों के अनुसार, उत्तरायण को देवताओं का दिन यानी सकारात्मकता का प्रतीक माना गया है. चूंकि इस दिन सूर्य उत्‍तरायण होते हैं, इसलिए इस दिन जप, तप, दान, स्नान, का खास महत्व है. ऐसा माना जाता है कि इस दिन किया गया दान, सौ गुना बढ़कर वापस मिल जाता है.

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