
Renu Yadav
रेनू यादव, India.Com हिंदी में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के पद कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में करीब 15 वर्षों के अनुभव के दौरान उन्हें टेक्नोलॉजी, धर्म, लाइफस्टाइल, हेल्थ व अन्य विषयों ... और पढ़ें
Makar Sankranti 2025: सनातन धर्म में मकर संक्रांति का दिन बहुत ही खास माना गया है. इस दिन सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं. इसलिए इसे मकर संक्रांति कहा जाता है. वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल मकर संक्रांति का पर्व आज यानि 14 जनवरी 2025 को मनाया जा रहा है. इसे खिचड़ी पर्व भी कहा जाता है. क्योंकि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने के अलावा खिचड़ी दान करने का भी विशेष महत्व माना गया है. मान्यता यह भी है कि इसी दिन से नए युग का शुभारंभ होता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस विशेष दिन पर भगवान विष्णु और सूर्य देव की उपासना करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है. साथ ही इस दिन पवित्र स्नान करने से भी अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है.
मकर संक्रांति के दिन पवित्र नदी में स्नान करना व दान करना बहुत ही शुभ व फलदायी माना गया है. यदि यह कार्य शुभ मुहूर्त में किया जाए तो अधिक शुभ होता हे. पंचांग के अनुसार आज यानि 14 जनवरी 2025 को मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान का शुभ मुहूर्त सुबह 9 बजकर 3 मिनट से लेकर सुबह 10 बजकर 48 मिनट तक रहेगा. गंगा में स्नान के दिन सूर्य देव को जल अर्पित करने से शुभ फल प्राप्त होता है.
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शास्त्रों में बताया गया है कि संक्रांति तिथि के दिन गंगा, जमुना या अन्य पवित्र नदियों में स्नान करने से व्यक्ति के सभी पाप मिट जाते हैं और उन्हें मृत्यु के बैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है. साथ ही इस विशेष दिन पर पवित्र स्नान करने से जीवन में आ रही कई प्रकार की बाधाएं दूर हो जाती हैं. इसके साथ मकर संक्रांति के दिन पवित्र नदी के किनारे पिंड दान, तर्पण या श्राद्ध कर्म करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और जिन जातकों को पितृ दोष के कारण समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, उन्हें भी लाभ मिलता है.
यदि आप मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान के लिए नहीं जा पा रहे तो इसके लिए भी शास्त्रों में विधान को बताया गया है. बता दें कि यदि कोई व्यक्ति किसी कारणवश पवित्र नदी में स्नान करने में असमर्थ है तो वह घर में स्नान के समय पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकता है. इस दौरान पानी गंगाजल के साथ तिल अवश्य डालें. ऐसा करने से पवित्र स्नान के समान पुण्य की प्राप्ति होती है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.
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