Makar Sankranti 2026 Why Are There 7 Horses In The Chariot Of Lord Surya Know The Secret And Importance Hidden Behind It
Makar Sankranti 2026: सूर्य देव के रथ में 7 घोड़े की क्यों होते हैं? जानिए इसके पीछे छिपा रहस्य और महत्व
Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति के ग्रहों के राजा सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं और इस दिन भगवान सूर्य का पूजन किया जाता है.
Makar Sankranti 2026: वैदिक ज्योतिष के अनुसार सूर्य ग्रह 14 जनवरी 2026 को मकर राशि में प्रवेश करेंगे और इस दिन मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा. हिंदू धर्म में इस पर्व का विशेष महत्व माना गया है और इसे बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है. मकर संक्रांति केवल एक धार्मिक उत्सव ही नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना भी है. इस दिन सूर्य देव उत्तरायण होते हैं, इसके बाद दिन बड़े और रातें छोटी होने लगती हैं. मकर संक्रांति के दिन भगवान सूर्य का पूजन किया जाता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि सूर्य देव की रथ में आखिर 7 घोड़े क्यों होते हैं? आइए जानते हैं 7 घोड़ों का रहस्य और धार्मिक महत्व.
सूर्य देव के रथ में 7 घोड़े क्यों होते हैं?
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य देव के रथ में मौजूद 7 घोड़े सप्ताह के सात दिनों का प्रतीक हैं. जो कि यह दर्शाते हैं कि भगवान सूर्य बिना रुके निरंतर समय के चक्र को अपने नियंत्रण में रखते हैं.
एक अन्य मान्यता के अनुसार भगवान सूर्य देव के 7 घोड़े वेदों के 7 प्रमुख छंदों का प्रतीक हैं. ये छंद हैं गायत्री, भृजाति, उष्णिह, जगती, त्रिष्टुप, अनुष्टुप और पंक्ति. कहते हैं कि इन्हीं 7 छंदों की शक्ति से ही सूर्य देव के रथ का संचालन होता है.
वैज्ञानिक दृष्टिकोण की बात करें ते सूर्य देव के रथ में मौजूद 7 घोड़े जीवन के 7 रंगों के मिश्रण का प्रतीक है. इसके अलावा रथ के सात घोड़े इंद्रधनुष के सात रंगों का प्रतीक हैं. इन सात रंगों में बैंगनी, जामुनी, नीला, हरा, पीला, नारंगी और लाल रंग शामिल है.
सूर्य देव के रथ में सात घोड़े होते हैं और साथ ही एक पुरुष इस रथ का संचालन कर रहा होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर कौन करता है भगवान सूर्य के रथ का संचालन? बता दें कि सूर्य देव के रथ का संचालन कर रहा पुरुष कोई साधारण पुरुष नहीं है, बल्कि पक्षीराज गरुड़ के बड़े भाई अरुण हैं. रथ पर सारथी अरुण का स्थान सूर्य देव के बिल्कुल सामने हैं क्योंकि वह स्वंय सूर्य देव की प्रचंड तपन को झेलते हैं जिससे धरती पर सूर्य का सीधा प्रकाश न पड़े.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Astrology की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.