नई दिल्ली: हिंदू धर्म में मलमास का काफी महत्व होता है.  मलमास को अधिकमास और पुरुषोत्तम मास के नाम से भी जाना जाता है. मलमास आज यानी 18 सितंबर से आरंभ हो रहे हैं जो कि 16 अक्टूबर 2020 को समाप्त होगा. धार्मिक मान्यता है कि अधिकमास के अधिपति स्वामी भगवान विष्णु हैं और पुरुषोत्तम भगवान विष्णु का ही एक नाम है, इसलिए अधिकमास को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है. आपको बता दें कि इस साल मलमाल (Malmas 2020) पर 160 साल बाद शुभ संयोग बन रहा है. मलमास में भगवान विष्णु के मंदिरों में दर्शन करना काफी अच्छा माना जाता है. लेकिन इस साल कोरोना महामारी के कारण यह संभव नहीं हो पाएगा. ऐसें में आप घर पर रहकर ही भगवान विष्णु के कुछ मंत्रों का जाप कर सकते हैं. आइए जानते हैं भगवान विष्णु के उन मंत्र के बारे में- Also Read - Malmas 2020: जानें क्यों भगवान विष्णु को प्रिय है अधिकमास, इस दौरान इन कामों को करने से आ सकती है भारी विपत्ति

1. शांता कारम भुजङ्ग शयनम पद्म नाभं सुरेशम। Also Read - Malmas 2020: आज से शुरु हो रहा है अधिक मास, जानें इस दौरान क्या करें और क्या नहीं

विश्वाधारं गगनसद्र्श्यं मेघवर्णम शुभांगम। Also Read - Malmas 2020: कल से शुरू हो रहा मलमास का महीना, जानें इस दौरान क्या खरीदना चाहिए और क्या नहीं

लक्ष्मीकान्तं कमल नयनम योगिभिर्ध्यान नग्म्य्म।

वन्दे विष्णुम भवभयहरं सर्व लोकैकनाथम।।

2. ऊं नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।।

3. ओम नमो भगवते वासुदेवाय।

4. गोवर्धनधरं वन्दे गोपालं गोपरूपिणम्।

गोकुलोत्सवमीशानं गोविन्दं गोपिकाप्रियम्।।

5. लक्ष्मी विनायक मंत्र –
दन्ताभये चक्र दरो दधानं,
कराग्रगस्वर्णघटं त्रिनेत्रम्।
धृताब्जया लिंगितमब्धिपुत्रया
लक्ष्मी गणेशं कनकाभमीडे।।

6. धन-वैभव एवं संपन्नता का मंत्र –
ॐ भूरिदा भूरि देहिनो, मा दभ्रं भूर्या भर। भूरि घेदिन्द्र दित्ससि।
ॐ भूरिदा त्यसि श्रुत: पुरूत्रा शूर वृत्रहन्। आ नो भजस्व राधसि।

7. सरल मंत्र –
ॐ अं वासुदेवाय नम:
– ॐ आं संकर्षणाय नम:
– ॐ अं प्रद्युम्नाय नम:
– ॐ अ: अनिरुद्धाय नम:
– ॐ नारायणाय नम: