मंगलवार का व्रत रखने से दूर होंगी सारी परेशानियां, जानें कब और कैसे शुरू करें यह व्रत?

Mangalwar Vrat: हिंदू धर्म में मंगलवार का दिन संकटमोचन हनुमान जी को समर्पित है और इस दिन उनकी उपासना करने से जीवन में आ रहे सभी संकट मिट जाते हैं.

Published date india.com Published: July 2, 2024 9:55 AM IST
मंगलवार का व्रत रखने से दूर होंगी सारी परेशानियां, जानें कब और कैसे शुरू करें यह व्रत?

Mangalwar Vrat: धर्म शास्त्रों में हनुमान जी को संकटमोचन नाम भी दिया गया है क्योंकि वह अपने भक्तों को सभी संकटों को दूर उन्हें सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं. जिस जातक पर हनुमान जी कृपा होती है उसे जीवन में कभी कोई डर या भय नहीं सताता और न ही शत्रु परेशान करते हैं. इसलिए मंगलवार के दिन को बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है और इस दिन यदि व्रत-उपवास रखा जाए तो जातक की हर मनोकामना पूरी होती है. लेकिन व्रत रखने के कुछ नियम होते हैं जिनके बारे में पता होना चाहिए.

कब शुरू करें मंगलवार का व्रत?

अगर आप हनुमान जी की कृपा पाने के लिए मंगलवार का व्रत रखना चाहते हैं तो सबसे पहले सही समय का चयन करें. बता दें कि किसी भी माह के शुक्ल पक्ष के पहले मंगलवार से मंगलवार का व्रत रखना शुरू कर सकते हैं. यदि ऐसा संभव नहीं है तो शुक्ल पक्ष के किसी भी मंगलवार से व्रत की शुरुआत की जा सकती है.

कितने मंगलवार रखें व्रत?

जब भी हम कोई व्रत शुरू करते हैं तो मन में यह विचार अवश्य रखते हैं कि कितने दिनों तक वह व्रत रखना है. मंगलवार के व्रत शुरू करने का भी यही तरीका है. आप 21 या 45 मंगलवार व्रत रखें, इसे बहुत ही शुभ माना जाता है. कुछ हनुमान भक्त जीवनभर मंगलवार का व्रत रखते हैं. लेकिन इस दौरान इस बात का खास ध्यान रखें कि समय-समय का व्रत का उद्यापन अवश्य करें. तभी व्रत सम्पूर्ण माना जाता है.

मंगलवार व्रत के दिन ऐसे करें पूजा

मंगलवार व्रत की शुरुआत करते समय सबसे पहले हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प करें और मन ही मन यह सोच लें कि कितने व्रत रखने हैं. इसके बाद हनुमान मंदिर जाएं और हनुमान जी का विधि-विधान से पूजन करें. धर्म शास्त्रों के अनुसार मंगलवार की शाम को हनुमान जी का पूजन करना अधिक फलदायी माना गया है. इसलिए सुबह के समय घर के मंदिर में ही ही हनुमान जी का पूजन करें और दिन भर फलाहार करें. फिर सूर्यास्त के बाद हनुमान मंदिर जाएं और हनुमान जी को सिंदूर में चमेल का तेल मिलाकर चोला चढ़ाएं.

हनुमान जी को लाल रंग के फूल व वस्त्र अर्पित करें. फिर नारियल और पान की बीड़ा चढ़ाएं. इसके बाद हनुमान जी के समक्ष चमेली के तेल का दीपक जलाएं और बूंदी या लड्डुओं का भोग लगाएं. हनुमान जी पूजा करते समय राम-सीता का भी पूजन अवश्य करें, तभी यह पूजा सम्पूर्ण मानी जाती है. घर आकर व्रत का पारण करें. बता दें कि मंगलवार के व्रत में नमक का सेवन नहीं किया जाता और मीठे से ही व्रत खोला जाता है. मंगलवार का व्रत रखने से हनुमान जी कृपा बरसती हैं और कुंडली में शनि दोष का प्रभाव भी कम होता है.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.

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