शिमला: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में 13,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित भगवान शिव को समर्पित एक पर्वतीय झील मणिमहेश की अगले महीने होने वाली वार्षिक तीर्थयात्रा कोरोनावायरस महामारी के कारण रद्द कर दी गई है. अधिकारियों ने गुरुवार इस बात की जानकारी दी है. इस साल की तीर्थयात्रा 11 अगस्त से शुरू होने वाली थी. हालांकि, तीर्थयात्रा से संबंधित सभी धार्मिक परंपराओं और रीति-रिवाजों को सीमित प्रतीकात्मक तरीके से निभाया जाएगा.Also Read - Air India News Update: किसकी होगी एयर इंडिया अगले महीने के मध्य तक चल जाएगा पता, केंद्र सरकार करेगी घोषणा

तीर्थयात्रा को रद्द करने का निर्णय बुधवार को चंबा जिले के भरमौर में श्री मणिमहेश ट्रस्ट की बैठक में लिया गया. बड़े और छोटे शाही स्नान के लिए चंबा के दशनाम अखाड़ा, चर्पट नाथ और चौरासी मंदिर से हर एक में से तीन से चार लोगों को मणिमहेश झील की ओर आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी. हर साल लोग कैलाश पर्वत की एक झलक पाने के लिए भरमौर घाटी में स्थित इस झील तक ट्रेक करते हुए आते हैं और प्रार्थना करते हैं. लोगों का विश्वास है कि यह भगवान शिव का निवास है. Also Read - Digital Payment Facility: महामारी में बढ़ा डिजिटल भुगतान, आरबीआई इंडेक्स में 30 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज

हडसर में लगभग 6,000 फीट की ऊंचाई पर इस यात्रा की शुरूआत होती है. तीर्थयात्रा की शुरूआत जन्माष्टमी के साथ होती है. ऐसा माना जाता है कि अगर किसी भक्त को कैलाश पर्वत की झलक मिलती है, तो भगवान उससे प्रसन्न होते हैं. यह मान्यता है कि जब चोटी बादलों से घिरी रहती है, तो यह भगवान की नाराजगी का प्रतीक है. Also Read - कोरोना महामारी के चलते लगातार दूसरी बार रद्द हुई अमरनाथ यात्रा, श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन होगी आरती