Mauni Amavasya 2026: 18 या 19 जनवरी...किस दिन है मौनी अमावस्या? नोट करें डेट और जानें इसका महत्व

Mauni Amavasya 2026: माघ माह में आने वाली अमावस्या को मौनी अमावस्या कहते हैं और इस दिन पवित्र नदी में स्नान करना बहुत ही शुभ माना गया है.

Published date india.com Updated: January 8, 2026 5:50 PM IST
Mauni Amavasya 2026: 18 या 19 जनवरी...किस दिन है मौनी अमावस्या? नोट करें डेट और जानें इसका महत्व

Mauni Amavasya 2026 Date: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का खास महत्व माना गया है और इस दिन पितरों का तर्पण करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है. माघ माह में आने वाली अमावस्या बहुत ही खास होती है, इसे मौनी अमावस्या कहा जाता हे. इस दिन लोग मौन व्रत रखते हैं पवित्र नदियों में स्नान करते हैं. मौनी अमावस्या जनवरी के महीने में पड़ेगी, लेकिन इसकी सही तारीख को लेकर लोग काफी असमंजस में हैं. आइए जानते हैं कब है मौनी अमावस्या?

मौनी अमावस्या 2026 कब है?

माघ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 18 जनवरी 2026 को शाम के समय शुरू होगी और 19 जनवरी को समाप्त होगी. ऐसे में उदयातिथि के अनुसार इस साल मौनी अमावस्या 19 जनवरी 2026 को मनाई जाएगी. इस दिन स्नान व दान के लिए पूरा दिन शुभ है.

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मौनी अमावस्या का महत्व

हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार मौनी अमावस्या के दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान अमृत स्नान के समान होता है. इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने से जातक का पुण्य फल की प्राप्ति होती है. मौनी अमावस्या के दिन मौन रहने की परंपरा है और जो लोग इस दिन मौन रहकर जप करते हैं उन पर देवी-देवताओं की विशेष कृपा रहती है. मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज के संगम घाट पर जाकर यदि स्नान किया जाए तो अश्वमेघ यज्ञ के बराबर का पुण प्राप्त होती है.

मौनी अमावस्या के दिन करें ये काम

यदि आप मौनी अमावस्या के दिन पवित्र नदी में स्नान नहीं कर पा रहे तो ब्रह्म मुहूर्त में घर में ही स्नान करें और पानी में थोड़ा सा गंगाजल अवश्य मिलाएं. इसके बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें और ​कम से कम सवा घंटे का मौन रखें. यदि संभव हो तो पूरे दिन मौन रखें, इससे शरीर के भीतर ऊर्जा उत्पन्न होती है और मन भी शांत होता है. मौनी अमावस्या के दिन दान करने का विशेष महत्व बताया गया है और इस दिन तिल, गुड़, घी व अन्न का दान करना चाहिए. इसके अलावा अमावस्या तिथि पितरों की तिथि भी कहलाती है और इस दिन पितरों का तर्पण अवश्य करना चाहिए. इससे पितर प्रसन्न होकर अपना आशीर्वाद देते हैं. कहते हैं कि जब पितर प्रसन्न होते हैं घर में सुख—समृद्धि आती है और बिगड़े काम बनने लगते हैं.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.

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