नई दिल्ली: मोक्षदा एकादशी का हिंदू धर्म में अधिक महत्व होता है. इस पर्व को पितरों के मोक्ष दिलाने वाली एकादशी के रुप में भी मनाया जाता है. इस दिन पूजा करने से सभी पापों का नाश होता है. इस बार मोक्षदा एकादशी 8 दिसंबर को मनाई जाएगी. माना जाता है कि जो व्यक्ति मोक्ष पाना चाहता है उसे इस एकादशी का व्रत रखना चाहिए. मोक्षदा एकादशी का व्रत हिंदू वर्ष की अन्‍य 23 एकादशियों पर उपवास रखने के बराबर है. आइए जानते हैं इस व्रत का क्या महत्व होता है और इसकी पूजा की क्या विधि है.

मोक्षदा एकादशी की तिथि और शुभ मुहूर्त-

मोक्षदा एकादशी की तिथि- 8 दिसबंर 2019
प्रारंभ तिथि- 7 दिसंबर 2019,  सुबह 6 बजकर 34 मिनट से
समाप्त तिथि- 8 नवंबर 2019,  8 बजकर 29 मिनट तक
व्रत खोलने का समय- 9 दिसंबर 2019, सुबह 7 बजकर 6 मिनट से लेकर 9 बजकर 9 मिनट तक

पूजा विधि-

– इस दिन सुबह उठकर स्नान करें और भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण कर पूरे घर में गंगाजल छिड़कें.
– घर में तुलसी की मंजरी, धूप, फूल, फल, रोली, कुमकुम, चंदन, अक्षत और पंचामृत रखें.
– घर में भगवान गणेश, भगवान श्रीरकृष्ण और महर्षि वेदव्यास की मूर्ति रखें.
– भगवान गणेश को तुलसी की मंजरियां अर्पित करें.
– भगवान विष्णु को धूप और दीप दिखाकर रोली और अक्षत चढ़ाएं.
– पूजा करने के बाद कथा सुने और आरती का प्रसाद बांटें.
– अगले गिन इस व्रत को सूर्योदय के बाद खोलें.