नई दिल्ली: मुहर्रम  (Muharram 2020) इस्लामी वर्ष यानी हिजरी वर्ष का पहला महीना है. मुहर्रम से इस्‍लाम धर्म के नए साल की शुरुआत होती है. इस साल मुहर्रम का महीना 1 सितंबर से शुरू होगा जो 28 सितंबर तक रहेगा. इस महीने के 10 वें मुहर्रम को हजरत इमाम हुसैन की याद में मुसलमान मातम मनाते हैं. माना जाता है कि 10वें मोहर्रम के दिन ही इस्‍लाम की रक्षा के लिए हजरत इमाम हुसैन ने अपने प्राण त्‍याग दिए थे. वैसे तो मुहर्रम इस्‍लामी कैलेंडर का महीना है लेकिन आमतौर पर लोग 10वें मोहर्रम को सबसे ज्‍यादा तरजीह देते हैं. इस बार 10वां मोहर्रम 10 सितंबर को है. ऐसे में इस मुहर्रम  (Muharram 2020 SMS & Quotes) सभी दोस्तों के साथ शेयर करें ये मैसेज, कोट्स और फोटोज- Also Read - Muharram Mutton Khichda Haleem Recipe: मुहर्रम में घर पर बनाएं स्पेशल मटन खिचड़ा, ये है रेसिपि

क्‍या हक अदा करेगा ज़माना हुसैन का
अब तक ज़मीन पर कर्ज़ है सजदा हुसैन का
झोली फैलाकर मांग लो मुमीनो
हर दुआ कबूल करेगा दिल हुसैन का Also Read - Muharram/Ashura 2020: जंजीरों, कोड़ों से खुद को क्यों लहूलुहान कर लेते हैं शिया मुस्लिम, इस दर्द की वजह क्या है?

जन्‍नत की आरज़ू में
कहां जा रहे हैं लोग
जन्‍नत तो करबला में
खरीदी हुसैन ने
दुनिया-ओ-आखरात में
जो रहना हो चैन से
जीना अली से सीखो
मरना हुसैन से Also Read - मिसाल: एक पांडाल में साथ मनाई जा रही गणेश चतुर्थी-मुहर्रम, ऐसा और कहां मिलेगा...

नज़र गम है नज़रों को बड़ी तकलीफ होती है
बगैर उनके नज़रों को बड़ी तकलीफ होती है
नबी कहते थे अकसर के अकसर ज़‍िक्र-ए-हैदर से
मेरे कुछ जान निसारों को बड़ी तकलीफ होती है

कत्‍ल-ए-हुसैन असल में मार्ग-ए-यजीद है
इस्‍लाम ज़‍िंदा होता है हर करबला के बाद

सजदा से करबला को बंदगी मिल गई
सबर से उम्‍मत को ज़‍िंदगी मिल गई
एक चमन फातिमा का गुज़रा
मगर सारे इस्‍लाम को ज़‍िंदगी मिल गई.

सिर गैर के आगे न झुकाने वाला
और नेजे पर भी कुरान सुनाने वाला
इस्‍लाम से क्‍या पूछते हो कौन हुसैन?
हुसैन है इस्‍लाम को बनाने वाला

दिल से निकली दुआ है हमारी,
मिले आपको दुनिया में खुशियां सारी,
गम ना दे आपको खुदा कभी,
चाहे तो एक खुशी कम कर दे हमारी.