Nag panchami 2018: बुधवार 15 अगस्त 2018 को नागपंचमी मनाई जाएगी. इस साल नागपंचमी के शुभ अवसर पर 20 साल बाद बेहद शुभ संयोग बन रहे हैं. इस बार इतने शुभ संयोग बन रहे हैं कि अगर कालसर्प दोष से परेशान जातक उपाय करें तो उनका निवारण जरूर होगा. Also Read - Nag Panchami 2019: मध्य रात्रि को खुलेंगे उज्जैन के नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट, जानिए यहां की मान्यता

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इस बार नाग पंचमी बेहद शुभ है. क्योंकि इस बार यह तीन शुभ संयोग के साथ आ रही है. पहला संयोग यह है कि नागपंचमी की शुरुआत कर्क लग्न में हो रही है. दूसरा सर्वार्थसिद्धि प्रारंभ होगा, जो शाम को 4:13 बजे खत्म हो जाएगा. तीसरा रवियोग शुरू हो रहा है. रवियोग शाम को 4:13 बजे शुरू होगा जब सर्वार्थसिद्धि योग खत्म हो जाएगा. रवियोग 16 अगस्त को 3:48 बजे समाप्त होगा. इन तीन योगों के कारण अमृतमयी जयंती सिद्धि योग बन रहा है.

नागपंचमी शुभ समय और तिथि:

नागपंचमी प्रारंभ : मंगलवार 14 अगस्त 2018 को रात्रि 3:28 बजे नागपंचमी की तिथि प्रारंभ हो रही है.

नागपंचमी तिथि समाप्त: बुधवार 15 अगस्त 2018 को रात्रि 1:51 मिनट पर समाप्त होगी.

राहुकाल का समय: बुधवार 15 अगस्त 2018 को दोपहर 12 बजे से 1:30 बजे तक.

बता दें कि कालसर्प दोष मुक्ति पूजा राहुकाल में ही की जाती है. राहु को सर्प माना गया है इसलिए इसी काल में कालसर्प की पूजा होती है.

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कालसर्प दोष के लिए ये उपाय:

1. कुलिक कालसर्प दोष: इससे पीड़ित लोगों को नागपंचमी पर दो रंगों का ऊनी वस्त्र या कंबल दान करना चाहिए. इसके अलावा चांदी की बनी गोली की पूजा करें और उसे अपने पास रख लें.

2. वासुकि कालसर्प दोष: इससे पीड़ित लोगों को नागपंचमी की पूर्व रात्रि पर सोते समय बाजरा सिरहाने पर रखें और सुबह पक्षियों को खिलाएं. इसके अलावा लाल धागे में तीनमुखी, आठमुखी अथवा नौमुखी रूद्राक्ष धारण करें.

3. शंखपाल कालसर्प दोष: पीड़ित जातक नाग पंचमी पर 400 ग्राम साबूत बादाम बहते पानी में प्रवाहित करें.

4. पद्म कालसर्प दोष: इस कालसर्प दोष से पीड़ित लोग नाग पंचमी के दिन से लेकर अगले 40 दिनों तक नित्य सरस्वती चालीसा का पाठ करें. उन्हें पद्म कालसर्प दोष से मुक्ति मिल जाएगी.

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