Nag Panchami 2018 Puja Muhurat: नागपंचमी, सर्पों के पूजन का पर्व होता है. इस बार देशभर में 15 अगस्त 2018 को नागपंचमी मनाई जाएगी. हिन्दू धर्म में सर्पों के पूजन का खास महत्व है. दरअसल, सर्पों को भगवान शंकर का गहना माना जाता है और कहा जाता है कि सर्पों की पूजा से भगवान शंकर प्रसन्न होते हैं और मनवांछित फल देते हैं. ऐसी भी मान्यता है कि हमारे पूर्वज सर्पों का रूप धारण कर धरती पर आते हैं. इसलिए पितृ पूजन भी होती है. श्रावण मास के शुक्ल पक्ष के पांचवे दिन नागपंचमी के रूप में मनाया जाता है.Also Read - Nag Panchami 2021 Ke Upay: नाग पंचमी के दिन अपनाएं ये उपाय, हमेशा आपसे दूर रहेंगे सांप

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इस विधि से करें पूजन:

ऐसी मान्यता है कि नागपंचमी के दिन नाग देवता की विधि पूर्वक पूजन करने से आर्थिक लाभ होता है और जीवन में कभी धन की कमी नहीं होती. ऐसे करें नागों के देवता की पूजा.

– सबसे पहले प्रात: घर की सफाई कर स्नान कर लें.

– इसके बाद प्रसाद के लिए सेवई और चावल बना लें.

– इसके बाद एक लकड़ी के तख्त पर नया कपड़ा बिछाकर उस पर नागदेवता की मूर्ति या तस्वीर रख दें.

– फिर जल, सुगंधित फूल, चंदन से अर्ध्य दें.

– नाग प्रतिमा का दूध, दही, घृ्त, मधु ओर शर्कर का पंचामृ्त बनाकर स्नान कराएं.

– प्रतिमा पर चंदन, गंध से युक्त जल अर्पित करें.

– नये वस्त्र, सौभाग्य सूत्र, चंदन, हरिद्रा, चूर्ण, कुमकुम, सिंदूर, बेलपत्र, आभूषण और पुष्प माला, सौभाग्य द्र्व्य, धूप दीप, नैवेद्ध, ऋतु फल, तांबूल चढ़ाएं.

– आरती करें.

– अगर काल सर्पदोष है तो इस मंत्र का जाप करें:

” ऊँ कुरुकुल्ये हुं फट स्वाहा”

Nag Panchami 2018: जानिए, क्या है महत्व

इन मंत्रों के साथ करें नागपंचमी पर नाग देवता की पूजा:

ॐ भुजंगेशाय विद्महे,

सर्पराजाय धीमहि,

तन्नो नाग: प्रचोदयात्।।

‘सर्वे नागा: प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथ्वीतले।

ये च हेलिमरीचिस्था ये न्तरे दिवि संस्थिता:।।

ये नदीषु महानागा ये सरस्वतिगामिन:।

ये च वापीतडागेषु तेषु सर्वेषु वै नम:।।’

नागपंचमी का शुभ मुहूर्त:

नागपंचमी 15 अगस्त को है-

पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त – 15 अगस्त को सुबह 05:55 से 8:31 तक

पंचमी तिथि प्रारंभ – 15 अगस्त को सुबह 03:27 बजे शुरू

पंचमी तिथि समाप्ति – 16 अगस्त को सुबह 01:51 बजे खत्म

अगर कालसर्प दोष मुक्ति का उपाय करना है तो राहुकाल में करें. राहुकाल 15 अगस्त को 12 बजे से शुरू होकर 1:30 बजे तक है.

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