Nag Panchami 2019: नाग पंचमी के पर्व पर नागों की पूजा का विधान है. कहा जाता है कि इस दिन नाग देवता की पूजा करने से उनका प्रकोप कभी परिवार पर नहीं पड़ता.Also Read - Nag Panchami 2019: मध्य रात्रि को खुलेंगे उज्जैन के नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट, जानिए यहां की मान्यता

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पर, हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जो केवल इसी दिन खुलता है. नाम है नागचंद्रेश्वर मंदिर और ये उज्‍जैन में है. Also Read - Nag Panchami 2019: 125 साल बाद सावन सोमवार पर नाग पंचमी, जानें तिथि, महत्‍व, किस मंत्र का करें जाप...

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मंदिर का इतिहास

ये मंदिर महाकालेश्वर मंदिर के प्रांगण में है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, नाग पंचमी के दिन जब मंदिर के कपाट खोले जाते हैं तो नागराज तक्षक इस मंदिर में उपस्थित रहते हैं.

पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए नागराज तक्षक ने कठोर तपस्या की थी. इस तपस्‍या से प्रसन्‍न होकर भगवान शिव ने तक्षक को अमरत्व प्रदान किया था. अमरत्व का वरदान मिलने के बाद तक्षक ने शिवजी के सान्निध्य में ही रहना शुरू कर दिया. इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि नाग पंचमी के दिन यहां पूजा करने से सर्पदोष से मुक्ति मिलती है.

शिव-पार्वती की प्रतिमा

नागचंद्रेश्वर मंदिर में भगवान शिव-माता पार्वती की दुर्लभ प्रतिमा भी है. प्रतिमा पर फन फैलाए नाग देवता है. आसन पर भगवान शिव और माता पार्वती विराजमान हैं. कहा जाता है कि नागचंद्रेश्वर मंदिर के अलावा दुनिया में कहीं भी भगवान शिव और माता पार्वती की ऐसी प्रतिमा नहीं है. इस मंदिर में दशमुखी नाग शय्या पर भगवान शिव और माता पार्वती अपने पुत्र गणेश जी के साथ विराजमान हैं.

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Nag Panchami Date

नाग पंचमी इस बार 5 अगस्त, सोमवा को है. इस बार की नाग पंचमी को काफी खास बताया जा रहा है. करीब 125 साल ऐसा योग बन रहा है कि नाग पंचमी सावन सोमवार को पड़ रही है.