Nag Panchami 2019: नाग पंचमी का पर्व देश के कई हिस्‍सों में मनाया जाता है. इस बार नाग पंचमी पर खास योग बन रहा है. Also Read - Sawan 2020: सावन पर इस बार बन रहा है अद्भुत संयोग, जानें कब से शुरू हो रहा है ये पवित्र महीना

कब मनाया जाता है
हर साल सावन के शुक्ल पक्ष की पंचमी के दिन नागपंचमी का त्योहार मनाया जाता है. इस दिन नाग देवता के 12 स्वरूपों की पूजा की जाती है. Also Read - Nag Panchami 2019: मध्य रात्रि को खुलेंगे उज्जैन के नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट, जानिए यहां की मान्यता

महत्‍व
ऐसी मान्यता है कि नाग देवता की पूजा करने और रुद्राभिषेक करने से भगवान शंकर प्रसन्न होते हैं और मनचाहा वरदान देते हैं. मान्यता यह भी है कि इस दिन सर्पों की पूजा करने से नाग देवता प्रसन्न होते हैं. प्राचीन धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक, अगर किसी जातक की कुंडली में कालसर्प दोष हो तो उसे नागपंचमी के दिन भगवान शिव और नागदेवता की पूजा करनी चाहिए. Also Read - Nag Panchami 2019: हर साल नाग पंचमी पर ही खोला जाता है ये मंदिर, नागराज तक्षक यहां आते हैं!

इस बार क्‍यों है खास
ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, ऐसा 125 सालों बाद हो रहा है जब सावन के सोमवार के दिन नाग पंचमी का योग पड़ा है.

किस मंत्र का करें जाप
ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, नाग देवता की पूजा करते समय नाग देवता के मंत्र का कम से कम 11 बार जप जरूर करना चाहिए. मंत्र इस प्रकार है-
ओम नवकुलाय विद्महे विषदंताय धीमहि तन्नो सर्प प्रचोदयात

धार्मिक ग्रंथों और मान्यताओं के अनुसार इस मंत्र के जप से सर्प दंश का भय दूर होता है और धन-धान्य में वृद्धि होती है.