Naraka Chaturdashi, Choti Diwali 2018 Pujan Vidhi: दिपावली से एक दिन पहले नरक चतुर्दशी या छोटी दिवाली का त्योहार मनाया जाता है. इस दिन भगवान कृष्ण ने नरकासुर नाम के राक्षस का वध किया था. छोटी दिवाली के दिन यम देवता की भी पूजा की जाती है. यहां पढ़िये विस्तृत पूजन विधि:

छोटी दिवाली शुभ मुहूर्त और तिथि:

अभ्यंग स्नान मुहूर्त: सुबह 05:08 से 06:44
चतुर्दशी तिथि शुरू कब से : 5 नवंबर को रात 11:46 बजे से
चतुर्दशी तिथि कब खत्म हो रही है : 6 नवंबर को रात 10:27 बजे तक

यम पूजा के लिए शुभ मुहूर्त

सुबह: 6 नवंबर को 9:32 से 11:45 तक
दोपहर: 6 नवंबर को 12:05 से 1:22 तक
शाम: 6 नवंबर को 05:40 से 7:05 तक

पूजन विधि

1. इस दिन तिल का उबटन या तेल लगाया जाता है और उसके बाद सूर्य के जगने से पहले स्नान कर लिया जाता है. हालांकि इस दिन गंगा स्नान का विधान है, लेकिन अगर गंगा पास में नहीं हैं तो भी इस मंत्र का जाप करते हुए आप सामान्य जल भी स्नान कर सकते हैं:

सितालोष्ठसमायुक्तं सकण्टकदलान्वितम्।
हर पापमपामार्ग भ्राम्यमाण: पुन: पुन:।।

2. स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें.

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3. इसके बाद मस्तक पर तिलक लगाकर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके बैठें और इस मंत्र का जाप करते हुए तिलयुक्त तीन-तीन जलांजलि देनी चाहिए.

ऊं यमाय नम:
ऊं धर्मराजाय नम:
ऊं मृत्यवे नम:
ऊं अन्तकाय नम:
ऊं वैवस्वताय नम:
ऊं कालाय नम:
ऊं सर्वभूतक्षयाय नम:
ऊं औदुम्बराय नम:
ऊं दध्राय नम:
ऊं नीलाय नम:
ऊं परमेष्ठिने नम:
ऊं वृकोदराय नम:
ऊं चित्राय नम:
ऊं चित्रगुप्ताय नम:

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4. दरअसल, यह एक तरह से यम तर्पण होता है, जिसे करने से सभी पापों का नाश हो जाता है. यह तर्पण कर्म सभी पुरुषों को करना चाहिए, चाहे उनके माता-पिता गुजर चुके हों या जीवित हों.

5. इसके बाद सभी देवी देवताओं की पूजा करें और शाम के समय यम का दीया जलाएं.

6. नरक चतुर्दशी के दिन भगवान कृष्ण की पूजा जरूर की जाती है, क्योंकि भगवान कृष्ण ने चतुर्दशी के दिन ही नरकासुर नामक राक्षस का वध किया था.

7. इस विधि से पूजन करने वाले व्यक्ति के सभी पाप नाश हो जाते हैं और उसे वैकुंठ में स्थान मिलता है. वह नरक में जाने से बच जाता है.

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