Navmi Kanya Pujan Shubh Muhurt: नवरात्रि के आखिरी दिन यानी नवमी के दिन और अष्टमी के दिन मां दुर्गा के भक्त कंजक पूजन करते हैं और मां का आर्शीवाद प्राप्त करते हैं. इस बार शारदीय नवरात्रि की नवमी 18 अक्टूबर को है. इस दिन कन्या पूजन शुभ मुहूर्त में ही करें. ऐसी मान्यता है कि जिस प्रकार कलश स्थापना का मुहूर्त होता है, ठीक उसी प्रकार कन्या पूजन भी शुभ मुहूर्त में करना शुभ माना जाता है. Also Read - #Navratri 2018 9th Day: नवमी को इस विधि से करें मां सिद्धिदात्री की पूजा, पढ़ें मंत्र, आरती और महत्व

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नवमी कन्‍या पूजन का शुभ मुहूर्त Also Read - Ashtami 2018: 17 अक्टूबर को है दुर्गा अष्टमी, जानिये पूजन विधि, महत्व और मंत्र

तिथि: गुरुवार, 18 अक्टूबर 2018, नवमी तिथि

पहला मुहूर्त : सुबह 6 बजकर 29 मिनट से 7 बजकर 54 मिनट तक.

दूसरा मुहूर्त : सुबह 10 बजकर 46 मिनट से दोपहर 3 बजकर 3 मिनट तक.

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कन्या पूजन विधि:

– दुर्गा नवमी के दिन मां दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा की जाती है. इसलिए सुबह उठकर स्नान कर सबसे पहले गणपति और मां सिद्धिदात्री की पूजा करें. इस दिन बैंगनी या गुलाबी रंग के कपड़े पहनें. कन्याओं के लिए भोजन बनाएं. भोजन में हलवा और चने जरूर बनाएं. क्योंकि मां को यह भोग अति प्रिय है.

– कन्या पूजन के लिए हमेशा कन्याओं को एक दिन पहले ही उन्हें आमंत्रण दे आएं. साथ में बटुक भैरव के रूप में एक बालक को भी जरूर आमंत्रित करें. आप कंजक पूजा में 2 से 10 साल तक कि कन्याओं को आमंत्रित कर सकते हैं.

– शुभ मुहूर्त में कन्याओं और बटुक भैैैैरव के रूप में बालक को आसन पर बिठाएं. ध्यान रहे कि कन्याएं मां दुर्गा का रूप होती हैं, ऐसे में उनका स्वागत जयकारे के साथ करें और घर बिल्कुल स्वच्छ रखें.

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– जब कन्याएं आसन ग्रहण कर लें तो एक-एक कर सभी कन्याओं का पैर धोएं और रोली, कुमकुम और अक्षत का टीका लगाएं.

– उनकी कलाई पर मौली बाधें, माला चढ़ाएं और उनकी आरती करें.

– इसके बाद सभी कन्याओं और बालक को भोग लगाएं. उन्हें चना, हलवा और पूरी का प्रसाद खिलाएं और उन्हें भेंट दें.

– पैर छूकर कन्याओं से आशीर्वाद लें.

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