नीलम को ऐसा रत्‍न माना जाता है जो जीवन बदल सकता है. ज्‍योतिष शास्‍त्र में इस रत्‍न को सभी रत्‍नों में सबसे तेजी से असर दिखाने वाला रत्‍न कहा गया है. इसे पहनने को लेकर भी कई नियम और सावधानियां बताई गई हैं.

नीलम रत्‍न
ये शनि देव का रत्‍न है. जिनकी कुंडली में शनिदेव उच्‍च राशि में विराजते हैं या शुभ फल देने वाले होते हैं उन्‍हें ये रत्‍न धारण करने का विधान बताया गया है. कहा जाता है ये रत्‍न राजा से रंक और रंक से राजा बनाने में सक्षम है.

पहनने पर क्‍या होता है?
ज्‍यादातर ज्‍योतिषी इसे सीधे नहीं पहनाते. बल्कि इसे कुछ दिन पहनाकर टेस्‍ट करते हैं कि वो जातक को सूट कर रहा है या नहीं. इन तरीकों से आप जान सकते हैं कि नीलम आपके अनुकूल है या नहीं.

– अगर ये रत्‍न आपको सूट नहीं करता तो सबसे पहले आंखों में तकलीफ होती है. सिरदर्द की समस्‍या होती है. कुछ लोगों को जी घबराना भी महसूस होता है.

– कई ज्‍योतिषी ऐसा भी कहते हैं कि अगर ये सूट ना करें तो ए‍क्‍सीडेंट तक हो सकता है.

– सूट ना करे तो आर्थ‌िक स्थिति खराब होने लगती है, जबरदस्‍त घाटा हो सकता है. कोई नुकसान हो सकता है.

– कई लोगों को बुरे और डरावने सपने आते हैं. ऐसे में उन्‍हें तुरंत इसे उतार देना चाहिए.

– जिन्‍हें ये सूट करने लगता है उनके अधूरे काम पूरे होने लगते हैं. लाइफ में पॉजिटिविटी आनी शुरू हो जाती है.

– अगर लंबे समय से बीमार हैं तो वो समस्‍या समाप्‍त होने लगती है. बॉडी में एनर्जी फील होती है.

– सूट करे तो आर्थ‌िक लाभ होते हैं. नौकरी-बिजनेस में उन्नत‌ि मिलती है.

– दुर्घटनाएं टल जाती हैं. कोई बड़ा नुकसान होते-होते परिस्तिथि संभल जाती है. ऐसा हो तो समझें कि ये यह रत्न आपके लिए शुभ है.