नवरात्रि का पावन पर्व जारी है और पूरे भारत में इसे बेहद हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है. आपको बता दें कि दुर्गा पूजा विजयदमशी तक मनाया जाता है, इन दिनों में मां को विभिन्न तरीके से पूजा-अर्चना की जाती है. देवी की पूजा हर जगह हो रही है हालांकि कोरोना की वजह से इस बार सरकार की तरफ कई सारे नियम लागू किए गए हैं ताकि किसी को कोई परेशानी ना हो. Also Read - चीन में धूमधाम से मनाया गया दुर्गोत्सव, सिंदूर खेला और संध्या आरती भी हुई

इस बार कोरोना वायरस महामारी के कारण दुर्गा पूजा का त्योहार फीका सा बढ़ गया, लेकिन बावूद इसके मां की पूजा में किसी तरह की कोई कमी नहीं आ रही है. देश के हर कोने में मां दुर्गा के भव्य पंडाल सजाए गए हैं और मुंबई का सबसे बड़ा और पुराना दुर्गा पंडाल नॉर्थ बॉम्बे सर्बोजनिन दुर्गा पूजा समिति के सदस्यों ने इस बार कई सारी चीजों में बदलवा किए है, ताकि सरकार की हर बात का मान रखा जाए. Also Read - बंगाल: दुर्गा पंडाल में दिखा 'असुर जिनपिंग' का सिर, लोग बोले- मां दुर्गा के हाथों कोरोना वायरस का खात्मा किया

नॉर्थ बॉम्बे सर्बोजनिन दुर्गा पूजा समिति के सदस्यों ने सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए लाइव ब्राडकास्ट करने का फैसला लिया है, इसे आप उनकी ऑफिशियल वेबसाइट में जाकर कर सकते हैं ताकि कोरोना को फैलने से रोका जा सके. आपको बता दें कि यह दुर्गा पूजा खासतौर पर मुखर्जी परिवार की तरफ से होता है जहां रानी मुखर्जी काजोल अयान मुखर्जी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं और प्रत्येक दिन फिल्मी जगत के कई कलाकार यहां दुर्गा मां का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं. Also Read - TMC की खूबसूरत सांसद नुसरत जहां ने फिर किया कमाल, ढाक पर लगाई थाप, देखें VIDEO

हर साल यहां पर नॉर्थ बॉम्बे सर्बोजनिन दुर्गा पूजा समिति में 24 फीट की मां की मूर्ति स्थापित है. लेकिन इस बार कोरोना की वजह से 4 फीट की ही मूर्ति स्थापित है, जिसे सांताक्रूज में एक छोटे से हॉल में कार्यक्रम स्थल पर स्थापित किए गए हैं. गाइ़लाइन का पालन करने की सख्त हिदायत दी गई है, इसके साथ ही भोग,प्रसाद या मूर्ति के पास मना है.

इस बारे में देब मुखर्जी ने कहा, ”हम हर साल भारत भर में सैकड़ों और हजारों भक्तों के लिए उत्सव का आयोजन करते हैं, हालांकि उत्सव इस बार वर्चुअल होगा. हम इस कठिन समय में हमारी मदद करने के लिए माँ दुर्गा का आशीर्वाद चाहते हैं. हम अपने वर्चुअल उत्सव के माध्यम से लाखों लोगों तक पहुंचकर खुश हैं. हमने कुछ नियमों को निर्धारित किया है जो पंडाल आने वाले हर सदस्य को जरूर पालन करने पड़ेगे.’