ओणम का त्योहार सोमवार, 31 अगस्त को है और ये त्‍योहार दक्षिण भारत में खासकर केरल में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है. ओणम को खासतौर पर खेतों में फसल की अच्छी उपज के लिए मनाया जाता है. ये पर्व 22 अगस्त से शुरु हो चुका है और ये पर्व पूरे 10 दिन तक चलता है. दक्षिण भारत में ओणम का त्योहार बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है. यह उल्लास, उमंग और परंपराओं से भरा हुआ त्योहार है. Also Read - Onam 2020: क्या है ओणम का महत्व और इतिहास, जानिए इस पर्व की क्या है पौराणिक कथा

यह त्योहार भाईचारे का संदेश देता है, हालांकि इस बार कोरोना वायरस के कारण ओणम के त्योहार की चमक फीकी पड़ गई है. यह त्योहार बहुत ही खास होता है. इस दिन मंदिरों में पूजा-अर्चना नहीं की जाती है बल्कि घर पर रहकर लोग पूजा करते हैं. इस पर्व को मनाने के पीछे एक कथा है जो काफी मशहूर है जानें क्या है इसकी कहानी और क्यों मनाया जाता है ये खास पर्व. Also Read - Onam 2018: आज से शुरू हुआ ओणम का त्योहार, जानें क्या है महत्व

10 दिनों तक मनाया जाता है पर्व
केरल में ओणम का त्योहार 10 दिनों तक चलता है, इस दिन घरों में ही पूजा की जाती है. घर के अंदर फूल-ग्रह बनाया जाता है. इसके लिए एक साफ कमरे में सर्कल में फूल सजाए जाते हैं, जिसे लगातार 8 दिन तक सजाया जाता है. वहीं नौंवे दिन घर के अंदर भगवान विष्णु की मूर्ति रखी जाती है. जिसकी पूजा में घर के लोग मौजूद होते हैं और लोग गीत गाते हैं. इसके साथ ही रात में समय श्रावण देवता और गणपति की पूजा होती है और 10वें दिन मूर्ति को विसर्जन कर दिया जाता है. Also Read - know about onam harvest festival of kerala | जानिये क्यों मनाया जाता है ओणम का त्यौहार?

नववर्ष का होता है शुभारंभ
मलयालम कैलेंडर के हिसाब से यह त्योहार पहले माह में होता है, ओणम मलयाली हिंदू धर्म के लोगों के लिए यह नव वर्ष का आरंभ भी होता है. यह उत्सव केरल के त्रिक्काकरा वामन मंदिर से प्रारंभ होता है, इसके प्रथम दिन को उथ्रादम और दूसरे दिन को थीरुओणम कहा जाता है.

जानें क्या है इसकी कहानी
इस पर्व के पीछे कथा है की केरल में महाबली नाम का एक असुर राजा था जिसके आदर के लिए यह ओणम पर्व मनाते हैं. इसके साथ ही लोग नई फसल की उपज के लिए भी इस पर्व का जश्म मनाते हैं. इस पर्व के दौरान सर्प नौका दौड़ के साथ कथकली नृत्य का आयोजन होता है जिसका अंदाज बेहद खास होता है.

ओणम शुभ मुहूर्त
ओणम उत्सव आरंभ 21 अगस्त 2020
ओणम महोत्सव की अंतिम तिथि: 2 सितंबर 2020
ओणम मुख्य पर्व थिरुवोणम नक्षत्र आरंभ तिथि और समय: 30 अगस्त 2020 दोपहर 01:52
थिरुवोणम नक्षत्र समाप्त: 31 अगस्त 2020 दोपहर 03:04 बजे