Onam/Thiruvonam 2019: ओणम का त्‍योहार दक्षिण भारत में खासकर केरल में बेहद धूमधाम से मनाया जाता है. इस दौरान लोग घरों में पूजा करते हैं.

ओणम 2019
इसे खेतों में फसल की उपज के लिए विशेष तौर पर मनाया जाता है. इस मौके पर केरल में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जिसमें से एक है नौका रेस. इस त्यौहार की विशेषता यह है कि इसमें लोग मंदिरों में नहीं, बल्कि घरों में पूजा करते हैं.

कहा जाता है केरल में महाबली नाम का एक असुर राजा था, जिसके आदर स्वरुप लोग ओणम का पर्व मनाते हैं. ओणम 10 दिन के लिए मनाया जाता है. फसल पकने की खुशी में लोगों के मन में एक नई उमंग, नई आशा और नया विश्वास जागृत होता है.

इस त्यौहार में 10 दिनों के लिए घरों को फूलों से सजाने का कार्यक्रम चलता है. लोग फसल की अच्छी उपज की खुशी में ये त्यौहार मानकार खुशियां बाटतें हैं.

महत्‍वपूर्ण दिन
ओणम के दो दिन महत्वपूर्ण होते हैं. इस दौरान लोग खुद सजते हैं, अपने घर सजाते हैं, अच्छे-अच्छे पकवान बनाते हैं, नृत्य करते हैं और रंगोली बनाते हैं. ओणम का त्योहार अधिकांश सितंबर मास में मनाया जाता है. इस बार इसे 10-11 सितंबर को मनाया जा रहा है. 11 सितंबर को थिरुवोणम (प्रमुख ओणम) मनाया जाएगा. ऐसी मान्यता है कि थिरुवोणम के दिन असुर राजा महाबली अपनी प्रजा से मिलने आते हैं और उन्हीं की स्वागत में यह पर्व मनाया जाता है.

थिरुवोणम मुहूर्त
सितंबर 10, 2019 को 11:09 बजे से थिरुवोणम नक्षत्रं आरम्भ
सितंबर 11, 2019 को 1:59 पर थिरुवोणम नक्षत्रं समाप्‍त

थिरुवोणम
थिरुवोणम दो शब्दों से मिलकर बना है- थिरु और ओणम. थिरु का अर्थ है पवित्र. ऐसा विश्वास है कि हर साल इस दिन राजा महाबलि पाताल लोक से यहां लोगों को आशीर्वाद देने आते हैं. ये भी मान्‍यता है कि इसी दिन भगवान विष्णु के वामन अवतार का जन्म हुआ था. केरल में इस त्यौहार के लिए चार दिन का अवकाश रहता है जो थिरुवोणम के दिन से एक दिन पहले से प्रारंभ होकर उसके दो दिन बाद समाप्त होता है.